चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह की हत्या के मामले के प्रमुख गवाह बलविंदर सिंह उर्फ बिट्टू ने अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को पत्र लिखते हुए पहले दी गई पूरी सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल फिर से लागू करने की अपील की है।
बिट्टू ने पत्र में लिखा कि वे इस हत्याकांड के प्रमुख गवाह हैं इसलिए उनकी सुरक्षा केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि न्याय प्रक्रिया की सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। मंगलवार को उन्होंने एसएसपी (ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी) सुमेर प्रताप सिंह से मुलाकात की लेकिन उनके अनुसार उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को भी ज्ञापन सौंपा। बिट्टू ने कहा कि उन्हें अब भी आतंकवादी और कट्टरपंथी संगठनों से जान का खतरा है। ऐसे में सुरक्षा में ढिलाई गंभीर नतीजे दे सकती है।
बलविंदर वर्तमान में चंडीगढ़ के एक सरकारी आवास में रह रहे हैं। वहीं, पुलिस अधिकारी ने बताया कि बलविंदर पहले पंजाब में रहते थे इसलिए उन्हें पंजाब की सुरक्षा मिली थी। अब बलविंदर ने कहा कि वह चंडीगढ़ में रहने लगे हैं। ऐसे में अर्जी पर एग्जामिन किया जाएगा। इस संबंध में पंजाब पुलिस से संपर्क किया है।
बिट्टू ने लिखा कि सुरक्षा समीक्षा समूह के 17 फरवरी 2011 के अनुमोदन के तहत उन्हें पहले सुरक्षा दी गई थी। इसमें पांच निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) शामिल थे जिनमें 3 चंडीगढ़ पुलिस से और 2 पंजाब पुलिस से थे। 14 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते थे। इसके अलावा मोबाइल सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट पीसीआर मोटरसाइकिल और घर के बाहर स्थायी गश्त वाहन लगाया हुआ था। यह सुरक्षा व्यवस्था खतरे की गंभीरता को देखते हुए दी गई थी।
बिट्टू ने मांग की है कि यूटी सिक्योरिटी रिव्यू कमेटी उनकी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट तैयार करे और पहले जैसी सुरक्षा तत्काल बहाल की जाए।
कोट
हमारे पास सुरक्षा के लिए एप्लीकेशन आई है। इसे एग्जामिन किया जाएगा।
- सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी (ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी)