हाईकोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग पैडलिंग रैकेट के किंगपिन रणजीत सिंह कंडोला उर्फ राजा कंडोला की पत्नी राजवंत कौर को बड़ा झटका दिया है।
दरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने राजवंत की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राजवंत कौर के खिलाफ एनडीपीएस और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पंजाब पुलिस ने केस दर्ज किया था।
राजवंत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए पंजाब पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुदीप आहलुवालिया की खंडपीठ के समक्ष राजवंत के बैंक खातों से करोड़ों के लेनदेन और उसका हिसाब आयकर विभाग को न देने के कई सबूत पेश किए।
पति के अपराध में शामिल थी राजवंत कौर
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खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि निसंदेह दी गई तय अवधि के दौरान याची ने भारी मात्रा में धन का लेनदेन किया है। ऐसे में आश्चर्य है कि उन्होंने इस लेनदेन के बारे में कभी भी आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं समझी।
याची अपने बैंक खाते में जमा 2 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकीं। उनका कहना है कि इस बारे में उनके पति ही बता सकते हैं। जबकि याची देहाती या अनपढ़ औरत नहीं हैं, क्योंकि वह खुद दावा कर चुकी हैं कि वे यूनान दूतावास में वीजा अधिकारी के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
याची की ओर से अपने बैंक खातों से लेनदेन के बारे में पति की भूमिका बताई गई है, जो खुद एनडीपीएस व पीएमटी एक्ट के तहत आरोप झेल रहा है। इस तरह यह साबित होता है कि अपने पति द्वारा अपराध के लिए किए जा रहे पैसों के खेल में याची भी शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय ने जमानत के विरोध में यह दी दलील
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याचिका में राजवंत कौर ने अपने बैंक खातों के जरिए किए गए लेन-देन के बारे में कई दलीलें पेश कीं, लेकिन शिकायतकर्ता प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में की गई जांच में सामने आया है कि राजवंत कौर विर्क पत्नी रणजीत सिंह कंडोला कोई आयकर रिटर्न नहीं भरतीं। उनके पास आय का कोई भी कानून सम्मत स्रोत नहीं है।
आयकर विभाग ने 24 जून, 2015 को भेजे पत्र में सूचना दी है कि राजवंत कौर विर्क ने कोई आयकर रिटर्न नहीं भरी। उन्होंने सभी अचल संपत्तियां ड्रग के ट्रैफिकिंग व कारोबार के जरिए अपराध की आय से खरीदी हैं।