चंडीगढ़। जिला अदालत ने लोन एप के जरिए महिला से 71 लाख रुपये की साइबर ठगी के आरोपी वाजिद को नियमित जमानत देने से इन्कार कर दिया। इस मामले में पिछले साल साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोपी वाजिद एक मार्च 2024 से बुड़ैल जेल में बंद है।
अदालत ने जमानत अर्जी रद्द करते कहा कि साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है? यह अपराध वे लोग कर रहे हैं, जो टेक्नोलॉजी से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ये अपराधी बड़ी संख्या में मासूम लोगों को फंसाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता को रियल मनी एप्लीकेशन से एक मोबाइल नोटिफिकेशन मिला था। इस पर क्लिक करते ही एप्लिकेशन इंस्टॉल हो गई। बैंक डिटेल्स मांगने पर महिला भर दिया। इसके बाद महिला के खाते में 1800 रुपये आ गए। जब महिला ने यह रकम रिफंड करने की कोशिश की तो एप ने स्वीकार नहीं किया। इसके साथ मोबाइल पर संदेश मिलने लगे कि लोन की राशि वापस नहीं की। कई नंबरों से व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल आने लगी। इन धमकियों के चलते महिला ने आरोपी की ओर से बताए गए बैंक खातों में यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने उसके मोबाइल फोन से कांटैक्ट नंबर और तस्वीरों का एक्सेस ले लिया और उसकी तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने लगे। इससे डरकर महिला ने ठगों को 71 लाख रुपये की राशि दे दी।