सीटीयू भी अब आउटसोर्सिंग करेगा और इन कर्मियों को घंटों के हिसाब से भुगतान करेगा। यानी जितने घंटे काम उतना ही वेतन।
लगातार बढ़ रहे घाटे को कम करने के लिए ऐसा पहली बार किया जा रहा है। अभी तक सीटीयू में जितना भी स्टाफ है वह फुल टाइम है। अधिकतर स्टाफ को सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में ही ड्यूटी पर बुलाया जाएगा। जल्द ही 230 कंडक्टरों और ड्राइवरों को आउटसोर्स किया जाएगा।
मेट्रो की तर्ज पर लगेगा रूट मैप:
यात्रियों की सहूलियत के लिए मेट्रो की तर्ज पर बस रूट मैप लगाया जाएगा। इससे अगले बस स्टॉप का पता चल सकेगा।
नए रूट प्लान की तैयारियों में जुटा विभाग:
ट्रांसपोर्ट विभाग नए रूट प्लान को लागू किए जाने की तैयारियों में जुटा है। लोगों के सुझाव के बाद इसे अप्रैल में लागू किया जाना है। लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए शहर के सभी मेन डेस्टिनेशंस पर रूट मैप लगाए जाएंगे।
लोगों को समझाने के लिए सीटीयू का एक कर्मी भी वहां मौजूद रहेगा। एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में इसे लेकर सेमीनार आयोजित किए जाएंगे ताकि नए बस नंबर लोगों को आसानी से याद हो जाएं।