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J&K: पत्थरबाजी ने बदनाम किया खूबसूरत वादियों वाला राज्य, टूरिज्म करोबार ठप

Mon, 03 Apr 2017 09:12 AM IST
राजेश ढल्ल चिनैनी-नाशरी (जम्मू) से लौटकर
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पत्थरबाजी
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जम्मू कश्मीर में आए दिन होने वाली पत्थरबाजी ने जम्मू को बदनाम कर दिया है, जिसका सीधा असर जम्मू के पर्यटन और बिजनेस पर पड़ रहा है। जबकि अभी टूरिज्म सीजन ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है। लेकिन, आर्मी पर हुई पत्थरबाजी से पर्यटन सीजन पर प्रभाव डाल दिया है। यह कहना है कि पटनीटॉप में पर्यटकों को घुड़सवारी करवाने और होटल का कारोबार करने वालों का।
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जबकि इन पर्यटक स्थल से जम्मू करीब 130 किमी दूर है। पटनीटॉप में घुड़सवारी करवाने वाले खुर्शीद का कहना है कि जब भी कश्मीर में पत्थरबाजी होती है तो जम्मू का नाम कश्मीर के साथ जोड़कर सनसनी फैला दी जाती है। इसका सीधा असर पर्यटकों पर पड़ जाता है। खुर्शीद ने कहा कि इस बार टूरिज्म बढ़ने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन सीजन के शुरुआत में ही प्रभाव पड़ गया है।

उन्होंने बताया कि कश्मीर में माहौल खराब होने से अब तो डर लगने लग  गया है। उन्होंने बताया कि पटनीटॉप में 100 घुड़सवार है जो कि कश्मीर के हालात शांत होने की दुआ कर रहे हैं। खुर्शीद ने बताया कि सीजन में लोग घुड़सवारों की तलाश करते हैं, लेकिन इस समय यह हाल है कि खुद पर्यटकों को ढूंढकर उन्हें घुड़सवारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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बेहतरीन टूरिज्म स्पॉट है पटनीटॉप

पत्थरबाजी
मालूम हो कि पटनीटॉप में इस समय न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक रहता है और दोपहर में भी सर्दी महसूस होती है। पत्नीटॉप से 12 किमी दूर नथाटॉप है जहां पर बर्फबारी हुई है और यहां पर बर्फ का आनंद लेने के लिए पर्यटक जाते हैं। पटनीटॉप का नाग मंदिर भी देखने वाला है।

यहां महिलाओं को मंदिर के अंदर माथा टेकने के लिए पाबंदी है। इसके बावजूद इस मंदिर की काफी माहनता है। यहां के पुजारी ने बताया कि इस मंदिर के बाहर लोग अपनी मन्नत मांगते हुए लाल रंग की चुनरी एवं पट्टी बांधते हैं। मन्नत पूरी होने पर इसे मंदिर में वापस आकर खोलना पड़ता है।

7 घंटे का सफर साढ़े तीन घंटे में
अभी जम्मू से कश्मीर जाने पर 7 घंटे लगते हैं, लेकिन चेनानी-नाशरी टनल के शुरू होने से अब 31 किमी का सफर कम हो जाएगा। इससे डेढ़ घंटे के समय की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट के मैकेनिकल प्रभारी विजय शर्मा का कहना है कि यह प्रोजेक्ट जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे फोरलेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

अभी टनल तक फोरलेन बन चुकी है। जब श्रीनगर तक पूरा हाईवे फोरलेन हो जाएगा तो जम्मू से श्रीनगर का सफर साढ़े तीन घंटे में हो जाएगा। टनल के साथ ही बनने वाला एस्केप सुरंग ने इसकी शोभा और भी बढ़ा दी है।
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कुद के मिठाई विक्रेताओं पर पड़ सकता है असर

पत्थरबाजी
तीन अप्रैल को चेनानी-नाशरी सुरंग खुलने से लोगों को पर्यटन स्थल कुद, पटनीटॉप और बोटोट से होकर नहीं जाना पड़ेगा। जो यहां पर बर्फबारी होने से रास्तें बंद हो जाते थे। अब उससे छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन टनल के खुलने का असर कुद के मिठाई विक्रेताओं पर भी पड़ेगा।

यहां का देसी घी का पतीसा, चाकलेट और खोए की बर्फी काफी मशहूर है। रोड से निकलने वाला हर कोई इसे खरीदता है। यहां पर प्रेम स्वीट्स शॉप वर्ष 1925 से चल रही है। इसके अलावा कई और मिठाई की दुकानें है जो कई साल से चल रही हैं। मालूम हो कि टनल का उद्घाटन रविवार को पीएम मोदी करेंगे।

घबराने की जरूरत नहीं
टूरिज्म डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर अहमद बिलाल और सीनियर मैनेजर सीबी कौल जब 9 मार्च को शहर में आए थे तो उन्होंने कहा था कि जेएंडके बार्डर पर कोई भी आतंकी गतिविधि होती है तो लोग पूरे प्रदेश में आने से डर जाते हैं। हकीकत में ऐसा नहीं है। जेएंडके में सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशन बार्डर से 250 से 300 किमी दूर हैं। उनका वहां कोई असर नहीं पड़ता।

लोग कश्मीर आए तो यह वहम निकालकर आएं कि वहां कुछ गड़बड़ या माहौल खराब हो सकता है। कश्मीर के सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशन सेफ हैं। बिलाल ने कहा था कि आपने कभी नहीं सुना होगा कि जेएंडके में किसी टूरिस्ट पर किसी तरह का कोई आतंकी हमला हुआ हो।
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