राम मंदिर भूमि पूजन के लिए मिट्टी और जल ले जाते हुए अधिकारी
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पवित्र चंडी मंदिर की मिट्टी और पिंजौर स्थित भीम की बावड़ी के जल का प्रयोग अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर के शिलान्यास में किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने मिट्टी और जल का मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजन किया। उसके बाद मिट्टी और जल को कलश में सुरक्षित कर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पंजाब प्रांत के लुधियाना स्थित कार्यालय भेजा। जहां से पूरे प्रांत की पवित्र नदियों का जल व पवित्र स्थलों की मिट्टी को इकट्ठा कर अयोध्या रवाना किया जाएगा।
विहिप चंडीगढ़ के मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया है कि देशभर की पवित्र नदियों का जल व तीर्थ स्थलों की मिट्टी इस्तेमाल अयोध्या में बनने जा रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के शिलान्यास में किया जाएगा। बता दें कि चंडी मंदिर को सिद्ध शक्तिपीठ में भी गिना जाता है और चंडीगढ़ का नाम भी चंडी देवी के नाम पर ही रखा गया है। वहीं, पिंजौर के प्रसिद्ध भीमा देवी मंदिर में स्थित भीम की बावड़ी का भी पंजाब में अपना महत्व है। इसके जल को लोग पंजाब के गंगाजल के नाम से जानते हैं इसलिए इस पवित्र जल को भी अयोध्या भेजा जा रहा है।
बीते रविवार को दोनों मंदिरों से मिट्टी व जल लाकर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित मानस मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि विधान से पूजन किया गया फिर उसे कलश में रखकरलुधियाना स्थित विश्व हिंदू परिषद के पंजाब प्रांत के कार्यालय में भेज दिया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय गोशाला संपर्क प्रमुख दयाशंकर पांडेय, विहिप के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिद्धू व कोषाध्यक्ष अनुज सहगल, बजरंग दल के विभाग संयोजक सुशील पांडेय, मीडिया प्रभारी अंकुश गुप्ता व दीपक शर्मा मौजूद रहे।