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राखी बांधने से पहले देखिए शुभ संयोग है या नहीं

Sat, 29 Aug 2015 02:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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इस वर्ष रक्षा बंधन पर जयंती योग बन रहा है। यह योग 12 वर्षों के बाद बन रहा है। रक्षाबंधन 29 अगस्त (शनिवार) को है। यह कहना है सेक्टर-30 श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
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उन्होंने कहा कि 29 अगस्त दिन को दोपहर बाद एक बजकर 50 मिनट तक भ्रदा है। भद्रा समाप्ति के बाद ही रक्षाबंधन मनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक बजकर 50 मिनट से लेकर शाम चार बजकर 13 मिनट तक राखी बांधने के लिए शुभ समय है।

घनिष्ठा नक्षत्र तीन बजकर 32 मिनट तक है। घनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल है। मुहूर्त के समय का लग्न वृश्चिक है। जिसका स्वामी मंगल भाग्य स्थान में शुक्र के साथ है। इसको जयंती योग या वर्गोत्तम योग कहते हैं। सूर्य और बृहस्पति सिंह राशि में होने के कारण यह योग 12 वर्ष के बाद आता है।
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इसलिए यह वर्ष रक्षाबंधन भाई बहन के लिए सुख समृद्धि, प्यार, हर्ष और खुशी के लिए शुभ का प्रतीक है। भद्रा 28 अगस्त दिन शुक्रवार की रात तीन बजकर 35 मिनट से शुरू होकर शनिवार को दोपहर बाद एक बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, जय श्री राम ज्योतिष केंद्र सेक्टर-15 के स्वामी राम बहादुर मिश्र, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि श्रावण पूर्णिमा के दिन सिंह राशि में सूर्य और बृहस्पति थे, तब नासिक में गोदावरी में कलश से अमृत गिरा था तो कुंभ का पर्व मनाया जाता है। इसलिए इस वर्ष श्रावण पूर्णिमा का महत्व और रक्षा बंधन का इतना अधिक महत्व है।
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