तमाम प्रयासों के बाद भी लक्जमबर्ग में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को नहीं रोका जा सका। लक्जमबर्ग के ‘लक्स ऑक्सन’ की वेबसाइट पर पंजाब यूनिवर्सिटी, यूटी सचिवलय समेत अन्य जगहों के 11 फर्नीचर की नीलामी हुई। इसके लिए एक करोड़ तीन लाख 37 हजार रुपये की बोली लगाई गई।
इस नीलामी को रुकवाने के लिए लक्जमबर्ग में भारतीय दूतावास के सचिव (संस्कृति) की तरफ से भी दखल दिया गया, लेकिन नीलामी को रोका नहीं जा सका। नीलामी में 14 आइटम रखी गई थीं, जिनमें से 11 की नीलामी हुई। इसमें चंडीगढ़ का टीक सोफा सबसे अधिक 20.58 लाख रुपये में नीलाम हुआ है।
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कुल एक करोड़ तीन लाख 37 हजार रुपये रुपये में 11 हेरिटेज फर्नीचर को बेचा गया है। इसे लेकर हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को शिकायत भेजी है। जग्गा ने कहा कि नीलामी से पहले जानकारी देने के बाद भी इस नीलामी को रोका नहीं जा सका।
जिन आइटमों की नीलामी हुई है, उनमें ऑफिस केन चेयर, ईजी आर्म्स चेयर्स, कैफेटेरिया टेबल, डाइनिंग चेयर्स, लॉ फायरसाइड चेयर, स्टूडेंट चेयर, स्मॉल डेस्क, टीक सोफा और स्टूल आदि शामिल हैं।जग्गा ने कहा कि भविष्य में हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। जो भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा प्रशासन द्वारा भी शहर में इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।