बाजार में एक ग्राहक द्वारा खरीदीं मूर्तियां।
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दिवाली पर रंग-बिरंगी मूर्तियों से बाजार सज गए हैं। धनतेरस पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियों को खरीदना शुभ माना जाता है। हर साल लोग नई मूर्तियों की खरीदारी करते हैं। बाजार में अलग-अलग किस्म की मूर्तियां उपलब्ध हैं, जो लोगों को आकर्षित कर रही हैं। लोग दुकानों से पांच फुट तक की मूर्तियां भी खरीद कर ले जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना के कारण उन्हें लोगों से ज्यादा खरीदारी की उम्मीद नहीं थी, लेकिन भीड़ देखकर अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
किस प्रकार की मूर्तियां हैं उपलब्ध
बाजार में मिट्टी, मार्बल, पीओपी और पॉलिस्टॉल से बनी मूर्तियां उपलब्ध हैं। ये मूर्तियां देखने में बहुत ही सुंदर लगती हैं। दूर से ही इन मूर्तियों में चमक दिखाई पड़ती है। इन मूर्तियों में अलग-अलग रंग हैं। मिट्टी की मूर्तियों में झोपड़ी के आकार और मंदिर के आकार वाली मूर्तियों को भी पसंद किया जा रहा है, क्योंकि इन मूर्तियों की फिनिशिंग बहुत ही चमक देती है।
बाजार में लक्ष्मी और गणेश की कई प्रकार की मूर्तियां उपलब्ध हैं, लेकिन कमल पर विराजमान लक्ष्मी को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा गणेश और गौतम बुद्ध की सफेद रंग की मूर्तियां लोगों का मन जीत रही हैं। यह सफेद मूर्तियां मार्बल से बनी हुई हैं। पॉलिस्टॉल से बनीं मूर्तियों की कीमत 200 से शुरू होकर दो हजार रुपये तक है। इसके अलावा मिट्टी से बनी मूर्तियां 40 रुपये से शुरू हैं।
सजावट के लिए भी हो रही खरीदारी
कई लोग मूर्तियों को घर में सजावट के लिए भी रखते हैं। इनमें फाउंटेन वाली मूर्तियों की खरीदारी हो रही है। इन मूर्तियों में अलग-अलग प्रकार के 50 से ज्यादा डिजाइन बाजार में उपलब्ध हैं। इन मूर्तियों में घोटे और नग से किया गया वर्क बहुत ही अच्छा लगता है। इससे मूर्तियों की सुंदरता और बढ़ जाती है। बाजार में यह मूर्तियां पांच सौ रुपये से शुरू होकर लगभग 80 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। इसके अलावा मेटल की मूर्तियों का अपना महत्व है।
धनतेरस पर हर साल लक्ष्मी और गणेश जी की छोटी-छोटी मूर्तियों को खरीदा जाता है। इस बार कोरोना के कारण काफी प्रभाव पड़ा है। लोग इस बार लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियों के साथ चांदी के नोट की भी खरीदारी कर रहे हैं। -सुनील जोशी, व्यापारी, सेक्टर 23