चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को विद्यार्थियों की उपस्थिति लगभग 40 प्रतिशत रही। इस हफ्ते उपस्थिति सामान्य होने के आसार हैं। इसके साथ ही इस हफ्ते स्नातक वर्ग की एक और कक्षा को भी ऑफलाइन माध्यम में बुला लिया जाएगा। पीयू ने विभागों को तो ऑफलाइन कक्षाओं के लिए खोल दिया है, लेकिन विद्यार्थियों को छात्रावास लेने में मुश्किलें आ रही हैं। इसे लेकर एनएसयूआई की टीम ने डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थियों का कहना है कि पीयू ने विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन ऑनलाइन हॉस्टल मैनेजमेंट सिस्टम को शुरू नहीं किया है। यह सिस्टम विद्यार्थियों में विश्वास पैदा करता है कि छात्रावास अलॉट करने में पारदर्शिता बरती जा रही है। इसके साथ ही अभी तक बहुत से विभागों ने छात्रावास के लिए मेरिट लिस्ट नहीं बनाई है, जिस कारण दूसरे राज्यों से ऑफलाइन कक्षाओं के लिए आए विद्यार्थियों को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। उन्हें पीयू से बाहर महंगी दरों में निजी आवास लेकर रहना पड़ रहा है। विभागों को जल्द से जल्द वेबसाइट पर मेरिट सूची ऑनलाइन अपडेट करनी चाहिए, जिससे छात्रों को बिना दिक्कत के रिहायश मिल सके।
पीयू छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले
एनएसयूआई की टीम ने डीएसडब्ल्यू को पत्र लिखते हुए कहा कि उनकी ओर से डीएसडब्ल्यू दफ्तर में विद्यार्थियों के छात्रावास के मुद्दे को लेकर बातचीत की गई थी, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। विभागों से भी विद्यार्थियों को कोई आश्वसान नहीं मिल रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को कक्षाओं के साथ पीयू के नजदीक घर खोजने के लिए भटकना पड़ रहा है। पीयू प्रशासन छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले अन्यथा छात्रों को मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।