चुनाव की तारीख घोषित होते ही सियासी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 20 से 27 सितंबर तक की अवधि तय होने के बाद नेताजी तो मोबाइल पर बिजी हो ही गए हैं, पंडित जी के मोबाइल की घंटी भी खूब बजने लगी है।
जिनकी उम्मीदवारी पक्की हो चुकी है और जो खुद को सबसे प्रमुख दावेदार मान रहे हैं, वे या फिर उनके शागिर्द नामांकन पत्र भरने के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाने को पंडित जी के पास चक्कर लगाने लगे हैं।
चुनाव आयोग ने तो 20 से 27 सितंबर तक नामांकन पत्र भरने का समय दिया है, लेकिन पंडित जी ने सिर्फ तीन दिनों का ही मुहूर्त निकाला है। उनका कहना है कि 24 सितंबर तक पितृपक्ष है और 25 सितंबर से नवरात्रों की शुरुआत हो रही है।ऐसे में नवरात्र के दौरान ही नामांकन पत्र भरना शुभ होगा।
सेक्टर-30 के भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र और इसी सेक्टर के शिव शक्ति मंदिर में प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि पितृपक्ष में कोई भी शुभ कार्य का निषेध होता है।
उनसे कई नेता शुभ मुहूर्त निकलवाने के लिए मिल चुके हैं और जिन्हें समय नहीं मिला, उन्होंने अपने साथियों को भेजकर मुहूर्त निकालने की बात की। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान राहु काल को छोड़कर नामांकन भरना शुभ होगा।
वहीं, देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे का भी कहना है कि नामांकन भरने के लिए राहुकाल का निषेध करना शुभ रहेगा।
लाल बहादुर दुबे का कहना है कि कई पार्टियों के नेताओं ने उनसे मुलाकात की है, लेकिन गोपनीयता बरकरार रखने के लिए उनका नाम बताना सही नहीं होगा।