वहीं दूसरी तरफ डेरा की टास्क फोर्स यानी सिक्योरिटी के सरकारी मार्गो पर चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की चेकिंग कर और तलाशी लेने पर रोक लगा दी गई है। इलाके के डीएसपी सतीश मल्होत्रा के मुताबिक डेरा के लोगों को साफ तौर पर आदेश दिया गया है वह सरकारी मार्ग पर अपने बेरियर न लगाएं और न ही वाहनों की चेकिंग करें।
पुलिस का जमावड़ा दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में लगा हुआ है, डीसी कमल किशोर व एसएसपी नरिंदर भार्गव खुद सि्थिति पर नजर रखे हुए हैं। डेरे की तरफ जाने वाले सभी सरकारी मार्गो को खोल दिया गया है और डेरा समर्थकों को साफ हिदायतें जारी कर दी गई हैं।
संस्थान में 60 हजार श्रद्धालु आएंगे भंडारे में
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान नूरमहल के महाराज आशूतोष जी का अंतिम संस्कार करवाने के लिए हाईकोर्ट ने 15 दिन की समय सीमा तय की है, जिस पर सरकार की तरफ से अपनी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं वहीं दूसरी तरफ ठीक एक दिन पहले आश्रम में विशाल भंडारा किया जा रहा है, जिसमें इस बार 60 से 70 हजार के करीब श्रद्धालु शामिल होंगे, इसके लिए डेरा प्रबंधकों की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
डेरे की तरफ से संचालित युवा परिवार सेवा समिति के हरजिंदर सिंह के मुताबिक डेरे में भंडारे के दिनों में इतनी ही संगत आती है, यह कोई अलग बात नहीं है। डेरे की तरफ से इस विशाल भंडारे की सूचना भी पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई है। विशाल भंडारे को लेकर तैयारियां का दौर शुरू हो चुका है।
समाधि से लौटेंगे आशुतोष महाराज : स्वामी विशालानंद जी
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष जी महाराज के भक्त उनके अंतिम संस्कार के खिलाफ हैं। वे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं। दिल्ली से आए स्वामी विशालानंद महाराज ने कहा कि आशुतोष महाराज गहन समाधि में हैं और वे समाधि से जरूर वापस आएंगे। यह कोई नहीं जानता कि वे कब लौटेंगे।
उन्होंने बताया कि रिव्यू पिटीशन का पूरा मसौदा तैयार है। एक-दो दिन में डबल बैंच के लिए अपील दायर कर दी जाएगी।
स्वामी विशालानंद ने बताया कि डेरे में किसी भी बाहर के व्यक्ति को सिक्योरिटी पर नहीं लगाया गया है। ये डेरे के सेवादार हैं और डेरे में लंबे समय से सेवादार सिक्योरिटी की सेवा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में 15 दिसंबर को भंडारा किया जा रहा है। डेरे में हर रविवार को तो समागम होता है लेकिन हर दूसरे रविवार को विशाल भंडारा होता है।
उन्होंने संस्थान में हथियार होने की बात से भी इंकार किया। उन्होंने बताया कि डेरे में सिर्फ दो लाइसेंसी हथियार हैं वह भी कई साल पुराने। डेरे को धमकियां मिलती रही हैं। आशुतोष महाराज पर हमले की योजना को भी कई बार विफल किया जा चुका है इसलिए डेरे व महाराज की सुरक्षा काफी महत्वपूर्ण है।
पंद्रह के बजाय 30 दिन का समय दें : आश्रम
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी देकर संस्थान प्रमुख आशुतोष महाराज के अंतिम संस्कार की समयावधि बढ़ाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने आशुतोष महाराज का दाह संस्कार पंद्रह दिन में करने के आदेश दिए थे। संस्थान ने अर्जी देकर मांग की है कि यह अवधि बढ़ाकर तीस दिन की जाए ताकि संस्थान एकल बेंच के आदेश को चुनौती दे सके।
संस्थान ने यह भी कहा कि अपील दायर करने तक दाह संस्कार के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिए थे कि पंद्रह दिन के अंदर आशुतोष महाराज का अंतिम संस्कार करवा कर हाईकोर्ट को आदेश पालन की रिपोर्ट दी जाए।