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आशा बनीं मेयर, कांग्रेस के दो उम्मीदवार मैदान छोड़ भागे

Fri, 13 Jan 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मेयर आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
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निगम चुनाव में शानदार जीत हासिल करने वाली भाजपा की आशा जसवाल 35 में से 31 वोट लेकर मेयर बनीं हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई उम्मीदवार इतने ज्यादा मार्जन से जीता हो। 
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कांग्रेस की मेयर उम्मीदवार गुरबख्श रावत को मात्र चार वोट मिले हैं। मेयर चुनाव के बाद कांग्रेस के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार मैदान छोड़कर भाग गए। 

भाजपा के राजेश गुप्ता निर्विरोध सीनियर डिप्टी मेयर और अनिल दूबे डिप्टी मेयर चुने गए। कांग्रेस की ओर से शीला फूल सिंह सीनियर डिप्टी मेयर की और रविंदर कौर गुजराल डिप्टी मेयर की उम्मीदवार हैं। 
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उन्होंने जब देखा कि कांग्रेस की मेयर उम्मीदवार को मात्र 4 वोट ही मिले और भाजपा में क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो किरकिरी से बचने के लिए दोनों ने मतदान से पहले ही पार्टी को बताए बगैर आपस में सलाह कर नाम वापस ले लिया।

क्रॉस वोटिंग रोकने को भाजपा ने लगाई फील्डिंग

आशा जसवाल - फोटो : अमर उजाला
मेयर चुनाव के समय कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पूर्व पार्षद मुकेश बस्सी के साथ दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी के मेयर के चुनाव की घोषणा से पहले वह भी चले गए थे।

जबकि भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन अंत तक दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। जबकि सदन में सांसद किरण खेर मौजूद रही और उन्होंने आशा जसवाल को वोट भी डाली। 

मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूर्व मेयर एवं मनोनीत पार्षद कमला शर्मा ने पूरी की। प्रशासन की ओर से शर्मा को चुनाव अधिकारी बनाया गया था। सबसे पहले सांसद किरण खेर ने ही वोट डाली।

क्रॉस वोटिंग रोकने को भाजपा ने लगाई फील्डिंग
पिछले चुनाव में हर बार भाजपा में क्रॉस वोटिंग हुई है। इसलिए इस बार पार्टी नेताओं ने पूरी फील्डिंग लगाई थी। पार्टी ने पार्षदों को स्पष्ट कर दिया गया था कि अगर क्रॉस वोटिंग हुई तो कार्रवाई होगी।

क्रॉस वोटिंग रोकने को भाजपा अध्यक्ष खुद दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। 2014 में भाजपा की क्रॉस वोटिंग के कारण ही मेयर पद की उम्मीदवार हीरा नेगी हार गई थी।
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ड्राफ्ट बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा

चंडीगढ़ की नई मेयर आशा जसवाल
निर्दलीय जीते दलीप ने वोट डालने से किया इंकार
निर्दलीय लड़कर चुनाव जीतने वाले दलीप शर्मा सदन में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने मेयर के लिए मतदान करने से इंकार कर दिया। दलीप शर्मा पहले भाजपा में ही थे, लेकिन टिकट न मिलने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़े थे।

मूल रूप से हिमाचल की हैं आशा
मेयर आशा जसवाल का जन्म 62 साल पहले हिमाचल के पालमपुर के गांव नौन में हुआ था जबकि उनका ससुराल जिला ऊना के गांव परंब में है। उनके ससुर जनसंघ से जुड़े हुए थे। वह संघ में भाग संघचालक भी रह चुके हैं।

ड्राफ्ट बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा
मेयर चुनाव के बाद सदन में पूर्व मेयर अरुण सूद ने सदन में नए वितीय वर्ष के लिए ड्राफट बजट बनाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी पार्षदों ने मंजूरी दे दी। पूर्व मेयर अरुण सूद ने कहा कि पिछले साल की तरह ही पार्षदों और शहरवासियों से बजट पर सुझाव लिए जाएं।
 
निगम चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने से साबित हो गया है कि लोग शहर में चल रहे कामों से खुश हैं। सभी एकजुट होकर टीम की तरह शहर के विकास के लिए काम करते रहेंगे। -किरण खेर, सांसद
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