अमृतसर दौरे के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ‘आप’ नेता आशीष खेतान समेत अन्य पार्टी नेताओं द्वारा जारी यूथ मैनिफेस्टो की तुलना गुरु ग्रंथ साहिब से करने के मामले में उक्त दोनों के खिलाफ जिला अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की गई है।
इसमें दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295-ए (जानबूझकर दुर्भावना से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) के तहत केस दर्ज करने की अपील की गई है। शुक्रवार को इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एसएसपी यूटी और सेक्टर-34 थाने के एसएचओ को मामले की जांच कर 27 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
लॉयर्स फॉर ह्यूमेनिटी नामक संस्था के प्रेजिडेंट रविंदर सिंह बस्सी ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत दायर शिकायत में सिखों की धार्मिक भावनाओं को कथित रुप से ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि केजरीवाल, खेतान समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने बीती 4 जुलाई को अमृतसर में यूथ मैनिफेस्टो जारी किया था।
इसके पहले पेज पर स्वर्ण मंदिर की तस्वीर है, जिसके सामने पार्टी का चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ दिखाया गया है। इससे सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। वहीं केजरीवाल की मौजूदगी में आशीष खेतान ने अपने भाषण में पार्टी के यूथ मैनिफेस्टो को गुरु ग्रंथ साहिब और गीता के बराबर बताया था।
शिकायत में कहा गया है कि गुरु ग्रंथ साहिब 11वें गुरु हैं और उनकी किसी पार्टी के चुनावी एजेंडे से तुलना करने से सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। शिकायतकर्ता रविंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि दोनों आप नेताओं ने जानबूझकर दुरभावना के साथ सिख धर्म का अपमान किया है।