लोकसभा चुनाव के नतीजे आए एक महीने से अधिक हो चुका है, लेकिन अमृतसर से कद्दावर नेता अरुण जेटली की हार अभी तक भाजपा की पंजाब इकाई के गले की फांस बनी हुई है।
जेटली की यहां से हार के कारणों की तलाश में प्रदेश भाजपा मतगणना वाले दिन से ही जुटी हुई है, लेकिन अंतिम नतीजे तक अभी भी नहीं पहुंच पाई है। हार का ठीकरा किसके सिर फूटता है, वक्त बताएगा, लेकिन इस हार से संबंधित विचार जानने के लिए
विभिन्न नेताओं के साथ पार्टी के दो पूर्व अध्यक्षों प्रो. राजिंदर भंडारी और बृज लाल रिणवा ने शुक्रवार को भी वन-टू-वन बैठकें कीं। उनके समक्ष अपनी राय रखने वाले पार्टी नेताओं में अमृतसर से संबद्ध पदाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों सहित चुनाव के दौरान वहां तैनात अन्य क्षेत्रों के कुछ नेता भी शामिल थे।