मनीमाजरा। लकड़ी को तराश कर मोगा से आए कलाकार गुरप्रीत सिंह एक ऐसी कलाकृति बना रहे हैं, जिसमें मानवता को संदेश रहेगा कि ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’। इसके साथ कुराली से आए मनदीप सिंह लकड़ी को तराश कर जानवरों के पैर लगाकर डायनिंग टेबल बना रहे हैं। इस पर जीवन के आधार की कलाकृति और ऊपर चम्मच आदि बर्तन दिखाई देंगे। यह अलग ही तरह की एक डिजाइनिंग टेबल है, जिसके नीचे कई जानवरों के पैर की आकृति बनाई गई है।
कलाग्राम में इन दिनों संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, पटियाला के उत्तर क्षेत्रीय सांस्कतिक केंद्र द्वारा 15 दिवसीय वुड स्कल्पचर कैंप का आयोजन चल रहा है। इसमें पंजाब से (मनदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह), केरल (सानुलकुट्टन), ओडिशा (प्रताप चंद्र जेना), पश्चिम बंगाल (जगबंधु मंडल), गुजरात (जितेंद्र ओझा), उत्तर प्रदेश (चुगुली कुमार साहू और रमेश चंद्र) तमिलनाडु (वी कमलेश कुमार और एस. राजन) शिविर में भाग लेने आ रहे हैं। अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए देश भर से 10 से अधिक प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया गया है जो लकड़ी को तराशकर कलाकृतियां बना रहे हैं।
कार्यक्रम अधिकारी यशविंदर शर्मा ने कहा कि शहर के कलाप्रेमी शिविर में आकर कलाकारों के हुनर को देख रहे है। उन्होंने कहा कि एनजेडसीसी समय-समय पर इस तरह के थीम कैंप और वर्कशॉप आयोजित करके आने वाले कलाकारों को मंच प्रदान करता रहा है। इस शिविर के माध्यम से कला छात्रों और कला प्रेमियों को शिविर में आकर वरिष्ठ कलाकारों के साथ बातचीत करके और लकड़ी की नक्काशी की सूक्ष्म बारीकियों को सीखने का प्रयास भी कर रहे हैं।