किसान संगठनों ने दी चेतावनी
संयुक्त समाज मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने डिफाल्टर किसानों की गिरफ्तारी का विरोध किया और कहा है कि आप सरकार ने सहकारी बैंकों के कर्जे की वसूली के लिए सहकारी संस्थानों को धारा 67ए के तहत बैंकों को यह छूट दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई स्थानों पर डिफाल्टर किसानों की गिरफ्तारी शुरू हो चुकी है। किसान संगठनों ने पंजाब में सुरजीत सिंह बरनाला के मुख्यमंत्री काल में धारा 67ए को निलंबित कराया था, जिसे अब फिर से लागू कर दिया है। अगर सरकार ने किसानों की गिरफ्तारी न रोकी तो उनका संगठन चुप नहीं बैठेगा।
सहकारी बैंकों को वारंट जारी करने से रोके सरकार: शिअद
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सहकारी बैंकों द्वारा डिफाल्टर किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस बयान में डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि किसान अपनी फसल खराब होने और बिगड़ी वित्तीय स्थिति के कारण अपना कर्जा चुकाने में विफल रहे हैं।
उन्होंने हैरानी जताई कि पंजाब कृषि विकास बैंक से लिए गए कर्ज न चुकाने पर बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में किसानों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। कर्ज न चुका पाने वाले ज्यादातर किसान कपास बेल्ट के हैं। डॉ. चीमा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसानों की गिरफ्तारी पर अकाली दल चुप नहीं बैठेगा। आप को गिरफ्तारी वारंट के बजाय किसानों को कर्ज से बाहर निकालना चाहिए।