मनीमाजरा के पिपलीवाला टाउन के कुछ घरों को प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं, उन्हें क्वारंटीन सेंटर व अस्पताल ले जाने की बजाय घर में ही रखा गया है। वहीं, आसपास के लोगों को कैद कर दिया है, जिससे उनके लिए खाने का संकट पैदा हो गया है। इस बारे में लोगों ने एडवाइजर को एक पत्र भी लिखा है।
पत्र में लोगों ने मांग की है कि वह दिहाड़ीदार हैं, जो रोजाना काम करके अपना गुजारा करते है लेकिन काम पर न जाने के कारण उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से काम पर जाने की इजाजत मांगी है। इसके साथ ही कोरोना से प्रभावित परिवार को क्वारंटीन सेंटर में भेजने की अपील की है। खास तौर पर यह मांग यहां पर किराये के मकानों में रह रहे लोगों ने की है।
दीप सिंह संधू ने बताया कि लोगों की मुश्किलों की तरफ प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां ज्यादातर दिहाड़ीदार हैं, जो काम करेंगे तभी कुछ कमाएंगे, लेकिन अब काम बंद होने के कारण गुजारा करने के लिए पैसे नहीं है, वहीं प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग किराये के मकान में रह रहे हैं और ऐसे में वह अपना किराए कैसे भरेंगे।
पॉजिटिव मरीज रह रहे घर में, पड़ोसियों में भी संक्रमण का खतरा
एडवाइजर को लिखे पत्र में लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां पर पहले एक पॉजिटिव केस आया, जिसे प्रशासन की ओर से घर में ही रखा गया। यही कारण है कि इसके बाद उनके परिवार के भी सदस्य पॉजिटिव हो गए। अब यहां इन घरों को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया। अब पड़ोसियों में भी कोरोना फैलने का खतरा है। बता दें कि शहर में बढ़ते कोरोना के केसों के चलते ही प्रशासन ने कंटेनमेंट जाने बनाने शुरू किए थे। इसके तहत मनीमाजरा के पिपलीवाला टाउन में 6 घरों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।