1982 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेश अरोड़ा पंजाब के नए डीजीपी होंगे। चुनाव आयोग ने वीरवार को उनके नाम पर सहमति जता दी।
डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के शुक्रवार से छुट्टी पर चले जाने की वजह से नई नियुक्ति के लिए प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर आधारित पैनल मुख्य सचिव राकेश सिंह ने चुनाव आयोग को भेजा था।
पैनल में 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी जीडी पांडेय (डीजीपी कम कमांडेंट जनरल पीएचजी एंड डायरेक्टर सिविल डिफेंस), 1982 बैच के संजीव गुप्ता (डीजीपी जेल सुधार) और 1982 बैच के ही सुरेश अरोड़ा (डीजीपी कम चीफ डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो) के नाम शामिल थे।
उप चुनाव आयुक्त डॉ. आलोक शुक्ला ने संपर्क किए जाने पर कहा कि इस पैनल में से पंजाब के डीजीपी कम चीफ डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो सुरेश अरोड़ा को सैनी की जगह नियुक्ति के लिए चुना गया है।
इस बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव को अवगत करवा दिया गया है। शुक्रवार को सुरेश अरोड़ा डीजीपी का काम संभाल लेंगे।
उधर, चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के चलते पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की भूमिका पूरी तरह गौण नजर आने लगी है। न तो सैनी की ओर से छुट्टी संबंधी पत्र ही सीईओ ने आयोग के पास भेजा और न ही आयोग ने सीईओ कार्यालय के जरिए डीजीपी का नया पैनल मुख्य सचिव से मांगा।
सैनी की छुट्टी का पत्र भी सीधे आयोग को गया और नए पैनल से संबंधित मुख्य सचिव को चिट्ठी भी आयोग से सीधे मुख्य सचिव को आई है।
हालांकि अब तक इस तरह की प्रक्रिया सीईओ कार्यालय के माध्यम से ही हुआ करती थी। बीते मंगलवार को लुधियाना के पुलिस आयुक्त सहित प्रदेश के तीन डीसी और चार एसएसपी बदलने संबंधी कार्रवाई भी सीईओ की सहमति के बिना ही हुई थी।
डीजीपी सैनी ने गत बुधवार को देर शाम चुनाव को आयोग को पत्र भेज कर 4 अप्रैल 2014 से छुट्टी के लिए अप्लाई किया था। सैनी कितने दिन की छुट्टी पर रहेंगे तथा वह किस कारण से लीव पर जा रहे हैं, इसकी कोई जानकारी आयोग की ओर से मुख्य सचिव को भेजी गई चिट्ठी में नहीं दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि सैनी योजनाबद्ध तरीके से छुट्टी पर गए हैं। अगर उन्हें किसी शिकायत के आधार पर आयोग की ओर से हटाया जाता तो यह उनके भविष्य पर असर डालता, इसलिए उन्होंने खुद ही छुट्टी पर जाना मुनासिब समझा।