सेना हरियाणा के पंचकूला जिले में पिंजौर के पास अपना छोटा सा हवाई अड्डा बनाना चाहती है। सेना ने हरियाणा सरकार से इसके लिए 40 एकड़ जमीन बसौलां स्थित सिविल हवाई अड्डे की जमीन से मांगी है। इस हवाई अड्डे को सेना हरियाणा सरकार के साथ मिलकर बनाना चाहती है।
सेना के करीब दो दर्जन बिंदुओं पर पश्चिमी कमान में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में सिविल-मिलिट्री बैठक में फैसला होगा। सेना ने 10 जनवरी, 2012 को पिंजौर फ्लाइंग क्लब को संयुक्त रूप से डेवलप करने का प्रस्ताव हरियाणा सरकार को भेजा था।
एक समझौता पत्र भी तैयार किया गया था। मगर हरियाणा सरकार ने एक मार्च, 2013 को प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। सेना ने दोबारा अपने अड्डे के लिए कम जमीन की जरूरत बताई और सिर्फ 40 एकड़ में ही संयुक्त अड्डा डेवलप करने का आग्रह किया। अब इस मुद्दे पर 4 जनवरी को पश्चिमी कमान में होने वाली सिविल-मिलिट्री बैठक में फैसला होगा कि जमीन देनी है या नहीं।
वैसे सूत्रों के मुताबिक हरियाणा सरकार सेना को पिंजौर फ्लाइंग क्लब में जमीन देना ही नहीं चाहती। हरियाणा के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट की दलील है कि सेना के साथ मिलकर काम करने से पिंजौर फ्लाइंग क्लब में ट्रेनिंग के काम में बाधा आएगी। उलटा पवन हंस कंपनी के हेलिकॉप्टरों की ट्रेनिंग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
318 के खिलाफ एफआईआर
सेना ने हरियाणा सरकार के साथ मुद्दा उठाया है कि पुराने दिल्ली-गुड़गांव मार्ग पर एयर फोर्स यूनिट के स्टोर पार्क की दीवार के साथ अनधिकृत रूप से निर्माण किए गए हैं। उन्हें गिराया जाए और कोई नया निर्माण न होने पाए और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार इस मसले का हल निकाला जाए। गुड़गांव के उपायुक्त ने जानकारी दी है कि कुल 418 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से 318 के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और 182 के खिलाफ अदालत में चालान पेश हो चुके हैं और 57 निर्माण गिरा दिए गए हैं।
अंबाला मिलिट्री स्टेशन को मिलेगा पानी
सेना ने मांग की है कि अंबाला मिलिट्री स्टेशन को फिलहाल 12 क्यूसेक पानी मिल रहा है। समझौते के तहत 20 क्यूसेक पानी दिया जाना है। सेना मंत्रालय ने इसके लिए 2326 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। अब तक सिर्फ 40 फीसदी काम हुआ है। सरकार का जवाब है कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने अलग लाइन डाल दी है और मिलिट्री स्टेशन को 20 क्यूसेक पानी मिल रहा है और कोई शिकायत नहीं है।
पूर्व सैनिकों को ग्रुप सी, डी में 14 फीसदी आरक्षण
हरियाणा सरकार और अर्द्धसरकारी संगठनों में ग्रुप ए पदों पर पूर्व सैनिकों के लिए 5 फीसदी, ग्रुप सी और डी के पदों में 14 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। कोटे के खाली पदोंपर भर्ती करने का आग्रह किया गया है।