चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) की चुनी गई पहली बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक बुधवार को ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से हुई। इस दौरान सदस्यों ने पेक को आगे ले जाने के लिए एक से बढ़कर एक विचार दिए। साथ ही स्थायी शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया। सदस्यों ने भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। इसके लिए पेक प्रशासन नियम बनाएगा।
इस दौरान बीओजी के सभी सदस्यों का स्वागत किया गया। साथ ही पिछली बैठकों के मिनट्स फाइनल किए गए। उसके बाद सदस्यों ने पेक की बेहतरी के लिए सुझाव दिए। एक सदस्य ने कहा कि निरफ रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की आवश्यकता होगी। शिक्षा गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए। साथ ही शोध के क्षेत्र में बेहतर कार्य होने चाहिए। उसी के मुताबिक प्रयोगशालाओं का निर्माण हो और सुविधाएं दी जानी चाहिए। कुछ सदस्यों ने कहा कि कुछ नए कोर्स मेडिकल जगत के इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर बनाए जाएं ताकि विद्यार्थियों की रुचि और जागृत हो सके।
परास्नातक में दाखिले कम होने के कारण तलाशने के आदेश
परास्नातक के कोर्सों में दाखिले कम होने पर चिंता जाहिर की गई। कहा गया कि इसके पीछे के कारणों का तलाशा जाए। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जो भी सुविधाएं चाहिए, वे दी जाएंगी। छात्रों को पीजी कक्षाओं में दाखिले के लिए बुलाना जरूरी है। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएं। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग से सेल भी बनाई जा सकती है। छात्रों के लिए छात्रावासों की कमी महसूस हो रही है तो उसके लिए अलग से प्रस्ताव तैयार करें। शोध प्रस्ताव बेहतर लिखे जाएं ताकि फंड मुहैया हो सके। शोध को आगे ले जाने से ही बेहतर रैंक मिलेगी। रैंक बेहतर आने से फंड आदि जल्द मिलते हैं। डाटा एकत्र करने का माहौल बनाने पर भी बात हुई जो शोध में काम आएगा।
बीटेक सातवें सेमेस्टर के छात्र आएंगे कैंपस
पेक प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि बीटेक के छात्रों के लिए कैंपस खोला जाए या नहीं। इस पर सदस्यों ने कहा कि कोरोना से हालात कुछ ठीक हैं। ऐसे में बीटेक सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है। इसके लिए पेक प्रशासन पूरी योजना तैयार कर ले। कोरोना दिशानिर्देशों का पालन भी करवाएं।