देश की 100 स्मार्ट सिटी की तैयारी में जुटे चंडीगढ़ को सोलर सिटी के तौर पर स्थापित करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने कमर कस ली है।
बुधवार को प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने सोलर सिस्टम के लिए अधिकारियों के साथ मीटिंग की। शहर में सोलर सिस्टम के लिए आ रही दिक्कतों को मीटिंग में रखा गया। देव ने अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर कई सुझाव भी दिए।
उन्होंने कहा कि शहर के प्राइवेट घरों और कोठियों पर सोलर सिस्टम लगाने में लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सोलर प्लांट के लंबित मामले हफ्ते के भीतर हल करने के आदेश दिए। सोलर सिस्टम संबंधी सभी दिक्कतों को क्रिस्ट देखेगा।
यूटी सचिवालय में हुई मीटिंग में यूटी के पर्यावरण निदेशक संतोष कुमार, चीफ इंजीनियर एसके चड्डा और चीफ आर्किटेक्चर कपिल सेतिया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
सिर्फ 20 किलोवॉट सोलर से
चंडीगढ़ को सोलर सिटी बनाने के लिए पूर्व प्रशासक शिवराज पाटिल ने काफी रुचि दिखाई थी। उन्होंने शहर के सभी मकानों, नए भवनों में सोलर पैनल को अनिवार्य कर दिया था। चंडीगढ़ के लगभग सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पर सोलर पैनल लग चुके हैं। लेकिन अभी भी चंडीगढ़ में सोलर एनर्जी से कुल खपत का 20 फीसदी ही उत्पादन हो पाता है। 2020 तक इसका लक्ष्य 50 किलोवॉट तक करने का लक्ष्य है।