प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग कोर्स के तीन वर्षीय डिप्लोमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई हो गई है। पहले यह तिथि 15 जुलाई थी। इसे बढ़ा दी गई है। गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 में आकर कोर्स के इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी गांधी स्मारक भवन के निदेशक देवराज त्यागी ने दी। फार्म और प्रास्पेक्टस ऑफिस आकर लोग हासिल कर सकते हैं।
गांधी स्मारक भवन के निदेशक देवराज त्यागी ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में ऐलोपेथी के बढ़ते इफेक्ट और बढ़ती कीमतों के कारण लोगों का रुझान अब प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग की ओर बढ़ रहा है। प्राकृतिक चिकित्सक बनने के इच्छुक युवाओं के लिए प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में करियर की अच्छी संभावनाएं हैं। प्राकृतिक चिकित्सा में नियमित जीवन शैली के साथ संतुलित आहार, योग और प्राणायाम का उपयोग करते हुए शरीर को रोग रहित बनाया जाता है।
डिप्लोमा इन नेचरोपैथी एंड योग का पाठ्यक्रम तीन वर्ष का है। इसमें छह माह का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है। डिप्लोमा कोर्स की कक्षाएं प्रत्येक रविवार को गांधी स्मारक भवन, सेक्टर 16-ए, चंडीगढ़ में लगाई जाती है। यह कोर्स गांधी नेशनल एकेडमी आफ नेचरोपैथी, राजघाट, नई दिल्ली से संचालित होता है। डिप्लोमा इन नेचरोपैथी एंड योग में प्रवेश के लिये 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। डिप्लोमा की वार्षिक शुल्क छह हजार रुपये है।