हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से सेक्टर 14 स्थित अकादमी सभागार में 16वीं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मासिक गोष्ठी की अध्यक्षता समालोचक एवं चिंतक डॉ. रमेश कुंतल मेघ, पंचकूला ने की।
इस अवसर पर डॉ. मदन कश्यप, सुपरिचित कवि, नई दिल्ली को विशेष आमंत्रित कवि के रूप में आमंत्रित किया गया। मासिक गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। अकादमी निदेशक डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने कार्यक्रम की शुरुआत पर अतिथियों का स्वागत किया।
मासिक गोष्ठी के अध्यक्ष डॉ. रमेश कुंतल मेघ ने मासिक गोष्ठी के आयोजन को एक बड़ी वर्कशॉप की संज्ञा देते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से नवलेखकों को एक मंच मिलता है और प्रौढ़ लेखकों के अनुभव से भी उन्हें अनुभव की प्राप्ति होती है।
उन्होंने ने आगे कहा कि डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने इस आयोजन को एक अभियान आंदोलन बना दिया है। कविता पाठ के साथ-साथ यहां पर रोहतक, कुरुक्षेत्र एवं अन्य जगहों पर शोध परक लेखकों बुलाकर साहित्य की अन्य विधाओं के बारे में भी समीक्षा की जाए।
उन्होंने ने कहा जब कविता या ग़ज़ल चमत्कार करती है तब हमारे अंदर के अंधेरे को हिला देती है। विशेष आमंत्रित कवि डॉ. मदन कश्यप, नई दिल्ली ने अपनी साहित्यिक रचनाओं से श्रोताओं से खूब वाहवाही लूटी।
उन्होंने चाहते, गनीमत है, रफूगिरी, तमाशा, सिपाही और भिखमंगे, सपने का अन्त, हवा में पूल, पुरखों का दु:ख, बड़ी होती बेटी और हलफनामा आदि अनेक नई-पुरानी कविताओं से श्रोतओं को मनोरंजन करते हुए खूब वाहवाही लूटी।
इस अवसर पर स्थानीय कवियों में उर्मिला कौशिक ‘सखी’, डॉ. अनुभव नरेश, श्री चन्द्रभार्गव, डॉ. शशि प्रभा, निखा खोलिया, श्री केदारनाथ केदार, जानी जीरकपुरिया, बलबीर बाहरी ‘तन्हा’, अमरजीत अमर तथा सुशील हसरत नरेलवी ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम का मंच संचालन सुशील हसरत नरेलवी ने किया।