राज्य सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स पर दी गई छूट के आखिरी दिन सारे रिकार्ड टूट गए। नगर निगम द्वारा टैक्स जमा कराने को लगाए गए कैंपों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
शनिवार को ही प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 1.59 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इस तरह निगम के खाते में प्रॉपर्टी टैक्स के अब तक 3.85 करोड़ रुपये आ चुके हैं। अगर सरकार द्वारा छूट की सीमा और बढ़ाई गई, तो अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा काफी बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने तीस नवंबर तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर दस फीसदी छूट देेने का ऐलान किया था। बीस नवंबर के बाद से ही निगम की टैक्स वसूली लगातार बढ़ रही थी। परंतु दो दिन पहले हाईकोर्ट में याचिका के चलते वसूली घट गई थी।
किंतु निगम को उम्मीद थी कि आखिरी दिन भीड़ उमड़ेगी। यह भी उम्मीद की जा रही थी कि आखिरी दिन इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल यूनिट्स से ज्यादा टैक्स जमा कराया जाएगा, क्योंकि इनका टैक्स ज्यादा बनता है। हुआ भी यही।
आखिरी दिन शाम तक कैंपों पर लोगों की भीड़ लगी रही। शनिवार को इंडस्ट्रियल यूनिट्स का 65 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया। वहीं, कॉमर्शियल यूनिट्स से भी 64-65 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया।
बाकी टैक्स रिहायशी इकाइयों का है। निगम अधिकारी शुरू से कयास लगा कर चल रहे थे कि तीस नवंबर तक करीब चार करोड़ रुपये टैक्स जमा हो जाएगा।
शनिवार तक 3.85 करोड़ रुपये निगम के खाते में पहुंच ही गए। अब छूट की सीमा बढ़ाने को लेकर सबकी निगाहें राज्य सरकार पर लगी हुई हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स की जोरदार वसूली के साथ-साथ लोगों का संघर्ष भी जारी है। सिटिजंस वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ शुरू किए गए संघर्ष के तहत शनिवार को फेज पांच में रोष मार्च निकाला गया।
फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ और इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अलबेल सिंह सियान की अगुवाई में लोग कम्युनिटी सेंटर के पास इकट्ठे हुए।
उसके बाद सभी गलियों में जाकर टैक्स के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर पीएस विरदी, रघबीर सिंह, पीडी वधवा, करम सिंह धनोआ, जय सिंह सैंभी भी मौजूद थे।