चंडीगढ़। लोकतंत्र सेनानी संघ पंजाब ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर वर्ष 1975-77 के आपातकाल समय के लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान दर्जा और सुविधाएं देने की मांग की है।
संघ ने प्रस्ताव दिया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जेल जाने वाले इन लोगों के योगदान को देश की आजादी की दूसरी लड़ाई के रूप में मान्यता दी जाए। अन्य राज्यों की तर्ज पर बजट सत्र के दौरान सम्मान राशि और पेंशन लाभ देने की घोषणा की जाए।
इसके साथ ही चाहे कोई सेनानी एक महीना जेल में रहा हो या छह महीने, सभी को समान रूप से मान्यता देते हुए पर्याप्त राज्य स्तरीय लाभ सुनिश्चित किए जाएं। संघ ने यह भी सुझाव दिया है कि आपातकाल के इतिहास और लोकतंत्र प्रहरियों के बलिदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी इस लोगों की कहानियों से अवगत हो सके।