चंडीगढ़। विकास नगर के राम पालक की पत्नी की 16 अगस्त को कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया गया। उसके दो दिन बाद राम पलक और उसके दो बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उन्हें भी धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया गया। अब उनका पूरा परिवार क्वारंटीन है। रामपाल की पत्नी गर्भवती है। तमाम तरह की परेशानी हो रही है, लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। राम पलक का कहना है कि पत्नी का इलाज ईएसआई हॉस्पिटल में चल रहा था। डॉक्टरों ने जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट कराने को कहा था, लेकिन इसी बीच कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने से सब कुछ ठप हो गया। अब चिंता सता रही है कि ऐसे ही रहा तो पत्नी का न जाने क्या होगा।
कोई सुनवाई नहीं हो रही
राम पलक ने बताया कि पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी धन्वंतरि के डॉक्टरों और कर्मचारियों को दे दी गई है, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है। राम पलक ने बताया कि उन्हें 18 अगस्त से लगातार बुखार आ रहा है और शरीर में तेज दर्द है। बार-बार कहने पर भी कोई दवा नहीं दी जा रही है। दवा के नाम पर यहां भर्ती मरीजों को केवल काली गोलियां थमा दी जा रही है, जिसे मरीज खाने की बजाय फेंक दे रहे हैं। वह अपने साथ घर से पैरासिटामोल की गोलियां लेकर आए थे। उसे ही खाकर किसी तरह बुखार को नियंत्रित कर रहे हैं। उनकी पत्नी को अगले महीने डिलीवरी होनी है। आठवें महीने में कई जरूरी जांचें और अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी होता है।
कुछ अन्य लोग भी परेशान
राम पलक ने बताया कि यहां पर जितने भी लोग क्वारंटीन किए गए हैं, सभी के साथ यही परेशानी है। कोई भी मरीजों की बात सुनने वाला नहीं है। रहने की व्यवस्था भी बहुत खराब है। शौचालयों की सफाई नहीं होती। गंदगी के कारण यहां रहना मुश्किल है। शिकायत करने पर क्वारंटीन पीरियड बढ़ाने की धमकी दी जा रही है, इसलिए सभी चुपचाप यहां सब कुछ बर्दाश्त कर रहे हैं।