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सीबीआई अफसरों के संदिग्ध साथी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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चंडीगढ़। सीबीआई की विशेष अदालत ने आईटी पार्क स्थित एक निजी कंपनी के प्रबंधक के अपहरण की कोशिश, मारपीट और एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में संदिग्ध आरोपी राजेश रोहिला की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। रोहिला ने अपनी याचिका में कहा था कि उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है और सीबीआई उसे फंसाने की कोशिश कर रही है।
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रोहिला ने यह भी कहा कि सीबीआई ने उसके घर, दुकान और रिश्तेदारों के घर दबिश दी। वहीं, सीबीआई ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में आरोपी दिल्ली सीबीआई के अफसरों के साथ पांचवां शख्स हिसार निवासी राजेश रोहिला था। मामले की जानकारी के लिए उसकी गिरफ्तारी और उससे पूछताछ जरूरी है। सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
यह था मामला
आईटी पार्क की एक निजी कंपनी के प्रबंधक अभिषेक डोगरा की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार चंडीगढ़ सीबीआई ने दिल्ली सीबीआई के चार उपनिरीक्षकों सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, आकाश अहलावत और अंकुर कुमार को शिकायतकर्ता को धमकाने, मारपीट करने, फिरौती मांगने और अपहरण की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायत के अनुसार सभी उपनिरीक्षकों ने जबरन अभिषेक के दफ्तर में घुसकर पहले उसे धमकाया फिर उस पर आतंकवादियों को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाया। उन्होंने शिकायतकर्ता से मामले को रफा-दफा करने के लिए एक करोड़ रुपए देने की मांग रखी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि इन चारों के साथ अन्य दो लोग भी शामिल थे जो अभी तक पकड़े नहीं गए हैं।
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