चंडीगढ़। जिला अदालत ने शादीशुदा महिला को आपत्तिजनक मैसेज भेजने और ब्लैंक कॉल कर परेशान करने के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। जमानत अर्जी में डेराबस्सी निवासी आरोपी गुरदीप सिंह (32) ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है और उसने महिला को न तो फोन किया और न ही कोई मैसेज भेजा। वहींए सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने मैसेज भेजने और ब्लैंक कॉल कर शादीशुदा महिला को परेशान किया है। आरोपी की ओर से अदालत में कहा गया कि वह पेट्रोल पंप पर चौकीदार है और पढ़ा-लिखा भी नहीं है। उसे जानकारी मिली कि पेट्रोल पंप मालिक ने उसके नाम पर सिम लिया था। वह खुद उस नंबर का इस्तेमाल नहीं करता।
पुलिस ने अदालत में कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर शादीशुदा महिला को आपत्तिजनक संदेश भेजने और ब्लैंक कॉल्स के जरिए उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।