बिजली निगम में ट्रांसफार्मर लाने व ले जाने के लिए खरीदी गई मोबाइल ट्रालियों में बड़े स्तर पर धांधली की गई। यमुनानगर डिवीजन में एक ट्राली की खरीदी एक लाख 60 हजार रुपये में की गई। जबकि उसी समय में जगाधरी डिवीजन में वही मोबाइल ट्राली मात्र 84 हजार रुपये में खरीदी गई। यह ट्रालियां भी फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार एक्सईएन कुलवंत सिंह के कार्यकाल में वर्ष 2021 में खरीदी गई।
कर्मचारी करीब 20 ट्रालियों की खरीद उस वक्त किए जाने की बात कह रहे हैं। एक और फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बिजली निगम ने जिलेभर में खरीदी गई मोबाइल ट्रालियों की जांच कराने का निर्णय लिया है। एक दिन पहले ही बिजली निगम के एमडी ने एसई राजेंद्र कुमार का तबादला पंचकूला कर दिया था।
एक दिन पहले तबादले किए, अगले दिन रद्द
बिजली निगम के एसई राजेंद्र कुमार ने अपना तबादला होने से ठीक पहले सोमवार को ही सर्कल में कार्यरत करीब 20 कर्मचारियों के एक से दूसरी डिवीजन में कर दिए। एक के बाद एक एलडीसी, जेई, एलएम, एएफएम, डीईओ समेत कई कर्मचारियों के तबादलों की लिस्ट जारी की गई। लिस्ट जारी होते ही कार्यालय से ही किसी ने इसकी सूचना पंचकूला सर्कल के चीफ इंजीनियर आरके खन्ना तक पहुंचा दी, क्योंकि बिना चीफ इंजीनियर की अनुमति के सर्कल में कोई भी तबादला नहीं किया जा सकता। सर्कल कार्यालय से आदेश हुए तो मंगलार को तबादला आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
बिजली निगम का पीछा नहीं छोड़ रहा फर्जीवाड़ा
बिजली निगम में फर्जीवाड़े अधिकारियों का पीछा नहीं छोड़ रहे। पहले फर्जी वाउचर के जरिये 49 करोड़ 30 लाख रुपये का घोटाला किया गया। अब ट्रालियों की खरीद में अधिकारी फंसते दिख रहे हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि बिजली निगम के कुछ एसडीओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। जिससे एसडीओ में काफी हलचल मची है। सूत्रों की माने तो एक दिन पहले एमडी डॉ. साकेत कुमार द्वारा किए गए दौरे के बाद यमुनानगर सर्कल कार्यालय में बड़े स्तर पर तबादले हो सकते हैं। जिसमें एसडीओ, जेई व कार्यालय का स्टॉफ भी शामिल है। लंबे समय से शहरी कार्यालयों में जमे बैठे कर्मचारियों को अब ग्रामीण क्षेत्र की हवा खिलाने की तैयारी है।