सिरसा में राशन कार्ड घोटाले पर सीएम विंडो पर आई शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया है। इसके अलावा, वर्तमान में कैथल में तैनात निरीक्षक को 23395 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा कराने का निर्देश भी दिया है। सीएम विंडो पर आई शिकायतों की निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल के अनुसार खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, सिरसा के डीएफएससी के विरुद्ध भीम कॉलोनी के प्रेम जैन ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
आरोप था कि कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर लगभग 30,000 हजार राशन कार्ड्स के तथ्य ठीक करने की एवज में उपभोक्ताओं से लिया गया शुल्क सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाया। मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान लेने पर डीएफएससी सिरसा ने सूचित किया कि 19 जनवरी, 2021 को 38,800 रुपये की राशि जमा करवा दी गई। साथ ही जिले के विभिन्न कार्यालयों द्वारा 8,88,935 रुपये की राशि राशन कार्ड की फीस के रूप में जमा कराने का दावा कर केस को फाइल करने की बात कही।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क किया तो उन्होंने सूचित किया कि जांच में उनको कभी पार्टी नहीं बनाया गया और न ही अंतिम रिपोर्ट सौंपते समय उनके हस्ताक्षर करवाए गए। बाद में शिकायत में यह भी जानकारी दी गई कि लगभग 16 से 17 लाख रुपये तक की गड़बड़ी हुई है, जबकि रिकवरी के रूप में 8.88 लाख रुपये की वसूली हुई है।
सीएम विंडो पर नई शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसमें कहा गया था कि कॉन्फेड के जिला प्रबंधक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच किए बिना ही जांच अधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट सौंप दी गई। मामले की समीक्षा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव द्वारा की गई और निर्णय लिया गया कि पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए।
कॉन्फेड जिला कार्यालय सिरसा द्वारा डिपो धारक प्रेमचंद्र जैन बरुवाली-। को वर्ष 2015 व 2016 में निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में राशन जारी करने की विजिलेंस जांच करने और राशन की पूर्ति करवाने के निर्देश जारी किया है। इसके अतिरिक्त, निरीक्षक कश्मीरी लाल, जो वर्तमान में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, कैथल में कार्यरत है, के वेतन से 23395 रुपये की रिकवरी कर सरकारी खजाने में जमा करने के भी आदेश दिया है।