ऐलनाबाद सीट पर चौटाला परिवार का दबदबा रहा है। इस सीट पर हुए कुल 15 चुनावों में 10 बार चौटाला परिवार, इनेलो या लोकदल ने ही जीत हासिल की है। हरियाणा के गठन के बाद ऐलनाबाद सीट के अस्तित्व में आने पर सबसे पहले चुनाव में प्रताप सिंह चौटाला ने कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीता। इसके तीन वर्ष बाद ओमप्रकाश चौटाला ने अपने राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव हिसार जिले (1975 में सिरसा जिला बना) की ऐलनाबाद सीट से ही जीता था। हालांकि यह उपचुनाव था।
यह चुनाव उन्होंने एनसीजे (कांग्रेस पार्टी से विभाजित ग्रुप) के टिकट पर लड़ा। वर्ष 1968 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से राव बीरेंदर सिंह की तत्कालीन विशाल हरियाणा पार्टी (वीएचपी) से जीते लालचंद का चुनाव रदद घोषित कर दिया गया। मई, 1970 में यहां उपचुनाव करवाना पड़ा, जिसमें ओम प्रकाश चौटाला विजयी हुए।
देवी लाल के पौत्र अभय सिंह चौटाला ने जनवरी 2010 में ऐलनाबाद सीट पर उप चुनाव जीता। अभय 2014 और 2019 विधानसभा चुनाव में भी ऐलनाबाद से विधायक निर्वाचित हुए। इस प्रकार ऐलनाबाद सीट से अभय ने जीत की हैट्रिक लगा रखी है। इस सीट से 5 बार लोकदल के भागी राम ने जीत हासिल की है।