25 अगस्त को डेराप्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा में मारे गए डेरा समर्थकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग सरकार में उठी है। हरियाणा सरकार के ही मंत्री ने इसकी आवाज बुलंद की है।
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह मांग की है और इसके पीछे तर्क ये दिया कि जब जाट आरक्षण के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है तो फिर डेरा हिंसा के दौरान मारे गए लोगों को क्यों नहीं। मंत्री समूह की अनौपचारिक बैठक में अनिल विज के इस तर्क के बाद से सरकार मंथन मोड में पहुंच चुकी है।
डेरामुखी के प्रति सरकार के नर्म रवैये को लेकर पहले ही उंगली उठ रही है। अब विज की इस मांग के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ना तय है। हालांकि, फिलहाल सरकार के कुछ मंत्रियों ने ही अनिल विज की इस मांग पर सहमति भी जताई है। वहीं, मुख्यमंत्री की तरफ से अभी कोई आश्वासन नहीं मिला है।
मालूम हो कि पंजाब सरकार पहले ही मारे गए डेरा समर्थकों को मुआवजा देने से इनकार कर चुकी है। जबकि, अधिकतर मृतक पंजाब के थे। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक इस हिंसा में कुल 41 लोगों की मौत हुई थी।