घग्गर नदी पर बने कौशल्या बांध के निर्माण में धांधली को लेकर सिंचाई विभाग के 25 अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। दोषी ठहराए गए इन अधिकारियों में से 15 रिटायर हो चुके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासनकाल में बने इस बांध के निर्माण में घपले का आरोप लगाते हुए शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने जांच की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी थी।
26 जून, 2017 को राज्य के मुख्य सचिव को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में विजिलेंस ब्यूरो ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घपला होने और दो बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए बांध के नक्शे में बिना किसी तकनीकी अनुमति के बदलाव करने जैसी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया था। विजिलेंस ने जांच में पाया कि बांध को अब तक पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयरेंस नहीं मिली है, यानी पर्यावरण मंत्रालय इसके निर्माण को सीधे तौर पर अवैध भी ठहरा सकता है।
सिंचाई विभाग के इन अफसरों पर कार्रवाई के आदेश
एमके गुप्ता (प्रमुख अभियंता- रिटायर्ड), केके दीवान (प्रमुख अभियंता- रिटायर्ड), हरमेल सिंह (प्रमुख अभियंता- रिटायर्ड), एके कालड़ा (मुख्य अभियंता- रिटायर्ड), एसएल अग्रवाल (मुख्य अभियंता- रिटायर्ड), आरके कश्यप (मुख्य अभियंता- रिटायर्ड), अनिल कुमार गुप्ता (मुख्य अभियंता- रिटायर्ड), अनूप सिंघल (मुख्य अभियंता- रिटायर्ड), एसएल अग्रवाल (अधीक्षण अभियंता- रिटायर्ड), एचके गुप्ता (अधीक्षण अभियंता- रिटायर्ड), जेएन गर्ग (अधीक्षण अभियंता- रिटायर्ड), संजीव गर्ग (अधीक्षण अभियंता- रिटायर्ड), जगमोहन सिंह (अधीक्षण अभियंता- रिटायर्ड), वीएस सैनी (कार्यकारी अभियंता- रिटायर्ड), जगमोहन सिंह (कार्यकारी अभियंता- रिटायर्ड), प्रवीण चोपड़ा (कार्यकारी अभियंता), विनोद कुमार (कार्यकारी अभियंता), सुरेश सैनी (उपमंडल अभियंता), विनोद कुमार (उपमंडल अभियंता), सीपी चुघ (कनिष्ठ अभियंता), सुदेश गुप्ता (कनिष्ठ अभियंता), सुदेश कुमार (कनिष्ठ अभियंता), मनीष कुमार (कनिष्ठ अभियंता), दर्शन कुमार (कनिष्ठ अभियंता) और ईश कुमार (कनिष्ठ अभियंता)।