दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में भी बगावत की चिंगारी सुलगने लगी है। संगरूर विधानसभा सीट पर आप प्रत्याशी का विरोध शुरू हो गया है। रूपनगर में भी ऐसे हालात बन रहे हैं। चर्चा है कि आप के कई रूठे नेता, अपने लिए नई सियासी राह पकड़ सकते हैं। इस तमाम जोड़तोड़ को भाजपा अपने पक्ष में जोड़कर देख रही है।
अमित शाह ने लिखी है पटकथा
पंजाब की सियासी पटकथा भाजपा में चाणक्य के रूप जाने जाते पूर्व अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह ने लिखी है। खुद कैप्टन दावा कर रहे हैं कि सूबे में आचार संहिता लागू होने के बाद कांग्रेस, ताश के पत्तों के माफिक बिखर जाएगी और कई चोटी के नेता उनकी पार्टी से जुडेंगे। ढींढसा ने कई वरिष्ठ अकाली नेताओं के उनसे संपर्क में होने का दावा किया है।
नए गठबंधनों का शुरू हुआ दौर
बहरहाल पंजाब में नए दलों व नए गठबंधनों का दौर शुरू हो गया है। एक दल से दूसरे दल में शामिल होने वालों की होड़ मचने वाली है और भविष्य में मचने वाला सियासी घमासान यहां बहुकोणीय मुकाबले होने के स्पष्ट संकेत दे रहा है लेकिन पंजाब की सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।