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दूसरी बार चालान कटने से नाराज ऑटो चालक ने किया फंदा लगाने का प्रयास, साथियों ने बचाया

Sun, 05 Jan 2020 07:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब)
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Punjab - फोटो : अमर उजाला
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चालान होने से नाराज ऑटो चालक ने बीच बाजार गले में रस्सी डालकर फंदा लगाने का प्रयास किया। साथी ऑटो चालकों ने उसे बचा लिया। घटना के बाद भड़के चालकों ने सोमवार को पीर बाबा चौक पर पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन करने का एलान किया है। 

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मामला दोपहर करीब 2 बजे उस समय घटित हुआ जब ढांगू रोड पर ऑटो चालक राजेंद्र पाल सवारियां लेकर बाजार सलारिया चौक की ओर आ रहा था। पीर बाबा चौक में नाके पर तैनात एएसआई स्वर्ण सिंह ने उसे रोक लिया औरा ओवरलोडिंग का चालान काट दिया। पुलिस ने चालान हाथ में थमाया तो राजेंद्र पाल ने लेने से इंकार कर दिया। उसने ऑटो में रखी रस्सी निकाली और ऑटो से ही बांधाकर अपना गला घोंटने लगा। इसी दौरान वहां ऑटो चालक एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों व ऑटो चालकों ने उसके गले से रस्सी निकाली।  

राजेंद्र पाल ने बताया कि 2 दिन पहले ही उसका 5 हजार रुपये का चालान कटा था। आज दोबारा काट दिया। ऐसे में यदि पुलिस उसे इसी प्रकार तंग परेशान करती रहेगी तो वह अपने परिवार का पालन पोषण कैसे कर पाएगा। ऑटो चालक राज कुमार, दलवीर सिंह, जसवीर सिंह, राजेंद्र कुमार ने बताया सोमवार सुबह 10 बजे ऑटो चालक पीर बाबा चौक में एकत्र होंगे और पिुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे। 
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इसके बाद एसएसपी दीपक हिलोरी से मिलकर उन्हें मांग पत्र सौंपेंगे। इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस प्रभारी सुरेंद्र पाल ने कहा कि फिलहाल उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। कागजात पूरे थे तो चालान नहीं काटा जाना चाहिए था। फिर भी वह एएसआई स्वर्ण सिंह से मामले की जानकारी लेंगे। 

साब... पुलिस कर्मचारी बिना पैसा दित्ते ऑटो विच बैठ जांदे ने
ऑटो चालकों ने सामूहिक रूप से कहा कि पुलिस उन पर सख्ती तब करें, जब वह खुद सही हो। चौराहों पर खड़े पुलिस कर्मचारी अकसर ही ऑटो मे बैठ जाते हैं और बिना पैसे दिए चले जाते हैं। उनकी ओर से पैसा मांगा जाता है तो उन्हें आंखें दिखाई जाती हैं। बावजूद इसके ऑटो चालकों को नियम सिखाए जा रहे हैं। उन्होंने दुख जताया कि जिन ऑटो चालकों की ओर से  कागजात पूरे भी कर लिए गए हैं, उनका भी कोई न कोई चालान काट दिया जाता है। वह सुबह से शाम तक जो कमाते हैं, वह सारा चालान भुगतान में जा रहा है।

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