मोगा में हादसे के बाद मिग 21 में लगी आग।
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मोगा से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर गांव लंगेआणा खुर्द में गुरुवार रात को वायुसेना का मिग-21 क्रैश हो गया। हादसे में उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले पायलट अभिनव चौधरी शहीद हो गए। क्रैश से पहले जांबाज पायलट अपनी जान की परवाह न करते हुए विमान को रिहायशी क्षेत्र से दूर ले गए। इसके बाद जब वे विमान से कूदे तो पैराशूट खुलने के बावजूद वे बच नहीं सके। ऊंचाई कम होने के कारण वे तेजी से जमीन पर गिरे और उनकी गर्दन टूट गई। वायुसेना ने मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पायलट अभिनव मिग-21 विमान राजस्थान के सूरतगढ़ से ट्रेनिंग के लिए जगरांव के पास शूटिंग रेंज पर लेकर आए थे। यहां प्रैक्टिस के बाद विमान ने रात करीब नौ बजे सूरतगढ़ के लिए उड़ान भरी। मोगा से कुछ दूरी पर पहुंचने पर पायलट को तकनीकी खराबी का पता चल गया। वे चाहते तो उसी समय विमान से निकल सकते थे। लेकिन पायलट अभिनव विमान को गांव लंगेआणा खुर्द और लंगेआणा पुराना के बीच रिहायशी क्षेत्र से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों की ओर ले गए।
यहां विमान उतारने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। इस पर उन्होंने सीट इंजेक्ट की और विमान से बाहर निकल गए। सीट का पैराशूट तो खुल गया लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण वह काम न आया। तेजी से नीचे गिरने पर लगे झटके से उनकी गर्दन टूट गई। उनका शव विमान से करीब 500 मीटर की दूरी पर मिला।
विमान जमीन में करीब पांच फुट तक धंस गया था और उसमें जोरदार धमाका हुआ। करीब 100 फुट की दूरी तक विमान के परखच्चे उड़े। हादसे के दो घंटे बाद मौके पर स्थानीय पुलिस और वायुसेना के अधिकारी पहुंचे। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद रात तीन बजे पायलट अभिनव चौधरी का शव बरामद हुआ।
हादसे के बाद चोरी हुए विमान के पुर्जे
शुक्रवार सुबह वायुसेना की टीम को विमान के बहुत से पुर्जों समेत ब्लैक बॉक्स भी नहीं मिला। ब्लैक बॉक्स से हादसे के कारण का पता लग सकता है। इसके बाद अधिकारियों ने गांव के सरपंच से बात की। सरपंच जगजीत सिंह ने गुरुद्वारा साहिब से लाउडस्पीकर पर घोषणा की कि जिसने भी विमान के पुर्जे उठाए हैं, वे जल्द से जल्द वहीं पर जाकर रख दें। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर सेना की टीम ने खुद पुर्जे बरामद किए तो चोरी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।