ड्रग के मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उत्साह से भरे अमृतसर पहुंचे शिअद नेता बिक्रम मजीठिया को रोड शो करना भारी पड़ गया। चुनाव आयोग ने अकाली दल के मजीठा से उम्मीदवार व पूर्व मंत्री मजीठिया पर कोविड प्रोटॉकाल तोड़ने पर एफआईआर दर्ज की है। चुनाव आयोग को मजीठिया का गाड़ियों के काफिले के साथ गोल्डन गेट पर पहुंचना और कार्यकर्ताओं की तरफ से स्वागत करना अखर गया था। मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग की टीम ने संज्ञान लेते हुए नियमों की धज्जियां उड़ाने पर यह कार्रवाई की। आयोग ने इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गौर हो कि ड्रग केस में मजीठिया को जमानत मिलने के बाद जहां शिअद कार्यकर्ताओं में उत्साह था, वहीं बिक्रम मजीठिया का अमृतसर के गोल्डन गेट पर पहुंचने पर भारी संख्या में अकाली कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होकर उनका स्वागत किया था। चुनाव आयोग ने चूंकि कोरोना के खतरे को देखते हुए रैलियां करने पर पहले 15 जनवरी तक रोक लगा रखी थी, जिसे अब 22 जनवरी तक कर दिया है।
मजीठिया के स्वागत में इस नियम की खूब धज्जियां उड़ाई गईं। पूरे मामले की रिकॉर्डिंग चुनाव आयोग के पास आई थी। जिसके बाद ईस्ट विधानसभा हलका के रिटर्निंग अधिकारी अर्शदीप सिंह लुबाना ने कमीशन के आदेश पर बिक्रम मजीठिया पर एफआईआर दर्ज करवा दी। मजीठिया के खिलाफ सुल्तानविंड थाना में यह एफआईआर आईपीसी की धारा 188, आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 151 और महामारी एक्ट 1897 के तहत दर्ज हुई है। बता दें कि ड्रग्स मामले में केस दर्ज होने के बाद शिअद नेता बिक्रम मजीठिया को कई दिनों तक पुलिस ढूंढती रही। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत हासिल की थी।