पवन ने कहा कि वह इतनी इंग्लिश तो जानता है कि अपनी पत्नी के साथ संवाद कर सकता हैं। एक दिन उसने चैटिंग के दौरान लिखा कि मैं आपसे मैरिज करना चाहता हूं। इस पर उसने भी सहमति भर दी थी। एमिली मुझे अमेरिका आने के लिए कहती थी, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे।
मैंने उसे अपनी मजबूरी बताई। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि अमृतसर आने का फैसला एमिली का है। वह 15 अगस्त की शाम को अमृतसर पहुंच गई। उसने अपने माता-पिता को पहले ही बता दिया कि अमेरिका से उसकी एक दोस्त आ रही है और वह उससे शादी करवाना चाहता है।
पवन की माता शकुंतला और पिता शेर चांद का कहना था कि बेशक उन्हें अपनी बहू की भाषा नहीं आती, लेकिन बच्चों की मर्जी एक साथ रहने की है तो वह भी खुश हैं। उनका पूरा परिवार भाषा की समस्या को पार कर लेगा। वे अपनी बहू को पंजाबी सिखा देंगे। पवन की मां ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे घर अमेरिकन बहू आई है।