भाजपा ने दिया धरना, आप ने सरकार को कोसा
अमृतसर हादसे में उजड़े घरों में अब तक चूल्हा नहीं जला है। हर आम व खास व्यक्ति पीड़ितों की मदद को दौड़ रहा है। लेकिन यह दुखदाई घटना शनिवार सुबह से राजनीति की चपेट में आ गया है। इस मौके को राजनीतिक दलों ने राजनीति चमकाने का अवसर मान लिया है। शनिवार सुबह इसकी शुरुआत सबसे पहले भाजपा ने की और रेल पटरी पर धरना लगाकर नवजोत कौर सिद्धू को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग उठाई।
इस धरने में भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के अनेक नेता शामिल थे। अमृतसर पहुंचे सुखपाल सिंह खैरा ने इस हादसे के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों के जिम्मेदार ठहराया। साथ ही स्थानीय प्रशासन की नाकामियां भी गिनाईं। खैरा ने पूरे सिस्टम को भ्रष्ट करार देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के एलान पर भी सवाल उठाए।
खैरा के पहुंचने के कुछ समय बाद ही आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा, बलजिंदर कौर और हरपाल सिंह चीमा भी अमृतसर पहुंचे। उन्होंने सरकार की नाकामी के लिए जमकर बयानबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ धरना देने का एलान भी कर दिया। इन दोनों विपक्षी दलों के बाद पहुंचे शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया। हादसे के लिए उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस को तो निशाने पर लिया ही, नवजोत कौर सिद्धू को दोषी ठहराते हुए उनके और दशहरा समारोह के आयोजकों पर केस दर्ज करने की मांग की। वैसे, मजीठिया ने शुक्रवार रात ही इस हादसे के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को मंत्री पद से हटाने की मांग की थी।