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1992 में अफगानिस्तान से अमृतसर आए सिख परिवार, नागरिकता के लिए पीएम मोदी से किया अनुरोध

Tue, 28 Jul 2020 06:43 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अफगानिस्तान से अमृतसर आए सिख परिवारों ने की नागरिकता की मांग। - फोटो : ANI
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अफगानिस्तान से भारत आए कुछ सिख परिवारों को आज भी भारतीय नागरिकता का इंतजार है। अफगानिस्तान से आए कुछ सिख परिवार पंजाब के अमृतसर में रह रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नागरिकता की मांग की है।

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अफगानिस्तान से आए सुरबीर सिंह ने कहा कि हम 1992 में भारत आए थे। तब से यहां रहने के लिए अपने वीजा का नवीनीकृत करवाना पड़ता है। हालांकि कोरोना की वजह से यह प्रकिया करना मुश्किल है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नागरिकता देने का अनुरोध करते हैं। 
 

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अभी हाल ही में अफगानिस्तान में रहने वाले निदान सिंह का एक महीने पहले तालिबानियों ने अपहरण कर लिया था फिर उन्हें रिहा कर दिया गया। रविवार को निदान सिंह सहित 11 सिख अफगानिस्तान से भारत पहुंचे। इन्हें विशेष विमान के जरिए काबुल से दिल्ली लाया गया है। दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर इन सभी का जोरदार स्वागत किया गया।  बता दें कि अफगानिस्तान से लगातार हिंदुओं और सिखों का पलायन जारी है। वहां पर ये लोग आतंकियों के निशाने पर हैं।

आतंकियों के निशाने पर हैं सिख
बता दें कि अफगानिस्तान में सिख काफी लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर हैं। उन्हें भारत को चोट पहुंचाने के लिए निशाना बनाया जाता है। काबुल के गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले में 25 सिखों की मौत हुई थी। अफगानिस्तान में सिख लड़कियों की जबरन शादी कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं। 

काबुल में सिख समुदाय के नेता चाबुल सिंह ने बताया कि हमें 11 लोगों का छह महीने के लिए वीजा मिला है। इनमें निदान सिंह भी शामिल हैं। अपहरण के दौरान दी गई प्रताड़ना के बाद से वो काफी बीमार हैं। उनके रिश्तेदारों को भी वीजा मिला है। काबुल हमले में मारे गए दो भाइयों के परिवार भी भारत आए हैं। एक बेटी जिसे जबरन शादी से बचाया गया था उसे भी भेजा गया है।
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