धर्म के विषय पर चुनावों के दौरान बोलने से बचें नेता
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। तख्त दमदमा सभा के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी के मुखी व डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह अगर लोकसभा चुनाव लड़ता है तो इसमें कोई भी गलत नहीं है। चुनाव लड़ना अमृतपाल का सांविधानिक अधिकार है। इस पर कोई भी विवाद नहीं होना चाहिए। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह बुधवार श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे और दीवान हॉल मंजी साहिब में कथा की।
मीडिया से बात करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पंजाब के राजनेताओं से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान मंचों पर धार्मिक प्रतीकों, गुरबानी के श्लोकों का इस्तेमाल करने और धर्म को लेकर किसी भी तरह की बयानबाजी करने से बचें। ताकि किसी तरह का कोई गलत शब्द बोले जाने पर कोई धार्मिक विवाद खड़ा न हो जाए।
जत्थेदार ने कहा कि अगर आपके पास धर्म की मर्यादा और धर्म के बारे में ज्ञान है तो ही आपको बयान देना चाहिए। अन्यथा इससे बचना चाहिए। जत्थेदार ने भाजपा नेता अमरपाल सिंह बोनी की ओर से एक चुनावी सभा में सिख धर्म के संबंधी दिए गए विवादास्पद भाषण के संबंध में कहा कि तोल-मोल कर बोलना चाहिए, पहले बोलना और फिर माफी मांगना, यह गलत है।