सोशल मीडिया पर 'वारिस पंजाब दे' के मुखिया अमृतपाल को फॉलो करने वाले युवकों में पुलिस कार्रवाई को लेकर दहशत फैलने लगी है। हालांकि पुलिस ने ऐसे युवकों पर किसी तरह का कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं करने का रविवार को भरोसा भी दिया लेकिन व्हाट्सएप पर पुलिस ने ऐसे कुछ युवकों को मैसेज भेजा कि अपने इलाके के थाने में पहुंचे। आपसे पूछताछ करनी है। इससे डरकर अधिकांश युवकों ने सोशल मीडिया से अपने सारे खातों को बंद कर दिया।
गौरतलब है कि अमृतपाल की तलाश में जुटी पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसे फॉलो करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत उन लोगों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जो अमृतपाल और खालिस्तान मुहिम को फॉलो कर सोशल मीडिया पर अपने विचार रख रहे हैं और पंजाब व भारत सरकार के खिलाफ लिख रहे हैं।
काफी समय से यह फॉलोवर्स साइबर सेल की निगाह पर थे और इनकी सूची भी तैयार कर ली गई है। इनमें से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की जल्द ही धरपकड़ शुरू होगी लेकिन जो लोग बहकावे में आकर सांप्रदायिक और अलगाववादी ताकतों से जुड़ गए हैं, उनकी काउंसलिंग की तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित लोगों के परिजनों की भी मदद ली जाएगी।
साइबर सेल के एक अधिकारी ने बताया कि व्हाट्सएप पर अमृतपाल से जुड़े अनेक युवक कम उम्र के हैं और उन्हें धर्म के नाम पर बहकाया गया है। ऐसे ही युवकों को जब स्थानीय पुलिस ने पेश होने का मैसेज भेजा तो ज्यादातर ने डरकर सोशल मीडिया से ही किनारा कर लिया। इस बीच डीजीपी गौरव यादव ने कहा है कि किसी भी बेकसूर व्यक्ति को परेशान न करें और केवल ऐसे लोगों की ही गिरफ्तारी हो, जो आपराधिक गतिविधियों में पहले से शामिल रहे हैं और अपराध के लिए युवकों को उकसा रहे हैं।