वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख एवं खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल अभी भी फरार है। 18 मार्च को जब पुलिस उसका पीछा कर रही थी। तो वह मौका पाकर अपनी मर्सिडीज कार छोड़ ब्रेजा में सवार हो गया था। इसके बाद गांव नंगल अंबिया में स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर कपड़े व हुलिये को बदला था। इसके बाद अपने तीन अन्य साथियों के साथ दो बाइक पर फरार हो गया था। यह खुलासा पंजाब पुलिस के आईजी हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने मंगलवार को सेक्टर-9 पंजाब पुलिस के हेडक्वार्टर में प्रेसवार्ता में किया।
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उन्होंने बताया कि ब्रेजा से उसे गुरुद्वारा साहिब पहुंचाने वाले चारों साथियों को काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना, गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी और गुरभेज सिंह उर्फ तेजा शामिल हैं। ब्रेजा से कुछ तलवारें, राइफल व एक वॉकी टॉकी बरामद हुआ है। हालांकि बाइक पर सवार युवकों को अभी तक पकड़ा नहीं गया। इस मामले में 154 लोग शामिल हैं।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि जब अमृतपाल को अहसास हो गया कि अब वह पूरी तरह से घिर चुका है तो इसके बाद उसने संगठन के लोगों का इस्तेमाल करना शुरू किया। अमृतपाल पहले तेज रफ्तार इसुजू गाड़ी में जा रहा था। इसके बाद उस गाड़ी को वहीं मौके पर छोड़कर दूसरी गाड़ी मर्सिडीज में सवार हो गया। इसी बीच उसने पुलिस की आंख में धूल झोंकने की खातिर ब्रेजा गाड़ी पकड़ ली थी। इसके बाद वहां से तीन अन्य साथियों के साथ फरार हो गया। अमृतपाल सिंह से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह टोल प्लाजा पर कार की अगली सीट पर दिखाई दे रहा है।
क्या बोले अधिकारी
पंजाब पुलिस के आईजी सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि अमृतपाल सिंह नंगल अंबिया गांव में स्थित गुरुद्वारा साहिब गया था। यहां अमृतपाल ने कपड़े बदले और दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भागा है। टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। वहीं मदद करने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।