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Punjab: राजा वड़िंग ने DGP को लिखा पत्र, अमृतपाल और समर्थकों पर कार्रवाई की मांग, पहले वाले खत की भी याद दिलाई

Thu, 02 Mar 2023 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राजा वड़िंग ने डीजीपी को याद दिलाया कि उन्होंने करीब चार महीने पहले भी उन्हें पत्र लिखकर अमृतपाल सिंह की गतिविधियों के बारे में आगाह किया था। वड़िंग ने लिखा कि अमृतपाल पंजाब के सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट कर रहा है। उन्होंने डीजीपी से यह भी कहा कि न तो मेरे पिछले पत्र पर कोई संज्ञान लिया गया और न ही अमृतपाल की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
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अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग। - फोटो : @RajaBrar_INC
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार को अजनाला कांड के मुद्दे पर पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। वड़िंग ने लिखा है कि कार्रवाई नहीं किए जाने से पंजाब पुलिस के जवानों के हौसले पर बुरा असर पड़ा है। राजा वड़िंग ने अपने इस पत्र को ट्वीट के जरिये सार्वजनिक भी किया है।

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राजा वड़िंग ने डीजीपी को याद दिलाया कि उन्होंने करीब चार महीने पहले भी उन्हें पत्र लिखकर अमृतपाल सिंह की गतिविधियों के बारे में आगाह किया था। वड़िंग ने लिखा कि अमृतपाल पंजाब के सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट कर रहा है। उन्होंने डीजीपी से यह भी कहा कि न तो मेरे पिछले पत्र पर कोई संज्ञान लिया गया और न ही अमृतपाल की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। अजनाला कांड का उल्लेख करते हुए वड़िंग ने लिखा कि ऐसी घटना आतंकवाद के काले दौर में भी देखने में नहीं आई थी क्योंकि राज्य के इतिहास में आतंकवाद के सबसे घिनौने रूप का सामना करते हुए भी पंजाब पुलिस का हौसला पस्त नहीं हुआ था।

राजा वड़िंग ने इसके साथ ही पार्टी की तरफ से अल्टीमेटम भी दिया कि या तो अमृतपाल सहित उन सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, जिन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, अन्यथा कांग्रेस सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। उन्होंने लिखा कि इतनी बड़ी वारदात पर निष्क्रियता स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि अजनाला में घायल हुए सभी पुलिसकर्मी हमारे अपने लोग ही हैं। राजा वड़िंग ने लिखा कि केवल पंजाब पुलिस ही नहीं, इस घटना ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आम पंजाबियों के विश्वास को भी ठेस पहुंचाई है। यह विडंबना है कि दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार व पुलिस असहाय दिखाई दे रहे हैं।
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गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह और अन्य समर्थक अपने साथी लवप्रीत सिंह तूफान को छुड़वाने के लिए जबरन अजनाला पुलिस थाने में घुस गए थे। वह पुलिस थाने तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को साथ लेकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर तेज हथियारों से हमला किया, जिसमें एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस मामले में पंजाब पुलिस ने अब तक न कोई कार्रवाई की और न ही एफआईआर ही दर्ज की। पंजाब पुलिस और राज्य सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए विपक्ष द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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