नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार विश्वास प्रस्ताव लाकर सदन का समय बर्बाद कर रही है। जिन मुद्दों को लेकर यह सत्र बुलाया गया है, उनमें से किसी पर भी पहले दिन चर्चा नहीं हुई। जनता सब कुछ देख रही है और सदन का समय जानबूझकर गलत दिशा में लगाया जा रहा है।
जब सरकार से कोई बहुमत सिद्ध करने को कह नहीं रहा है तो विश्वास प्रस्ताव लाकर उस पर बहस कराने की क्या जरूरत है? मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि पंजाब में बिजली, एसवाईएल नहर, अवैध खनन, नशा व शराब तस्करी जैसे विभिन्न मुद्दे हैं, जिन पर सदन में चर्चा और बहस की जरूरत है। उन्होंने विश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।
विधानसभा सत्र की अवधि तीन अक्तूबर तक बढ़ी
पंजाब विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की मंगलवार को हुई बैठक में विधानसभा सत्र को तीन अक्तूबर तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि कमेटी में सभी दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद सत्र को तीन दिन बढ़ा दिया गया है।
विपक्षी सदस्यों ने इस एकदिवसीय सत्र की अवधि को बढ़ाने की मांग की थी। बीएसी की बैठक में सभी सदस्यों ने मंगलवार को इस पर मुहर लगा दी। अब सदन की कार्यवाही तीन दिन और चलेगी, जिसमें 28 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म दिवस पर अवकाश के बाद 29 व 30 सितंबर को सदन में विधायी कार्य होंगे। इसके बाद एक व दो अक्तूबर को शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद तीन अक्तूबर को सदन में विश्वास प्रस्ताव पर बहस और वोटिंग कराई जाएगी।