नवजोत सिंह सिद्धू और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच लंबे समय चली आ रही जुबानी जंग गुरुवार को भी जारी रही। राजा वड़िंग ने कहा कि उनके निजी तौर पर किसी से कोई मतभेद नहीं हैं और यह केवल सिद्धांतों व वैचारिक लड़ाई है। पार्टी का अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ अवश्य ही कार्रवाई होगी। पार्टी में अनुशासन बनाए रखना उनका काम है।
होटल ताज में गुरुवार सुबह देवेंद्र यादव के साथ बैठक कर जब सिद्धू बाहर निकल रहे थे तभी राजा वड़िंग भी देवेंद्र यादव को पंजाब कांग्रेस भवन ले जाने के लिए वहां पहुंचे। सिद्धू और राजा वड़िंग का आमना-सामना हुआ दोनों की नजरें मिलीं लेकिन दोनों ने कोई बात नहीं की। पत्रकारों की ओर से यह पूछे जाने पर कि क्या वे सिद्धू से मिलने आए हैं, राजा वड़िंग ने कहा कि उनसे मिलने की उन्हें कोई जरूरत नहीं है और वह केवल देवेंद्र यादव को कांग्रेस भवन ले जाने आए हैं।
इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया था कि ‘कौड़ी कौड़ी के लिए बिके हुए लोग, समझौते के लिए घुटनों पर टिके हुए लोग, बरगद की बात करते हैं, गमले में उगे हुए लोग।’ जब इस बारे में राजा वड़िंग से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर वड़िंग, बाजवा या किसी और के बारे में कुछ कहना है तो नाम लेकर कहा जाए।
उन्होंने कहा कि मेरा किसी से कोई निजी मसला नहीं है। न ही मेरे दिल में किसी को लेकर कोई गिला-शिकवा है लेकिन पार्टी का अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ जरूर कार्रवाई होगी। अब सारा मामला पंजाब प्रभारी और हाईकमान के ध्यान में है। वह खुद फैसला कर लेंगे कि क्या करना है। 21 जनवरी को मोगा में प्रस्तावित नवजोत सिंह सिद्धू की रैली के बारे में राजा वड़िंग ने इतना ही कहा कि रैली हो जाने दो फिर बात करेंगे।