कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा साल 2016-17 के आयकर आंकलन को गलत करार देते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आयकर विभाग को दो मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
इस मामले को लेकर सिद्धू ने जुलाई 2021 में भी याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 2022 में याचिका का निपटारा करते हुए आयकर विभाग को आदेश दिया था कि वह सिद्धू की पुनर्विचार याचिका पर दोबारा गौर कर निर्णय ले। सिद्धू ने फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने अक्तूबर 2022 को उनकी पुनर्विचार याचिका को फिर से खारिज कर दिया। इस वजह से हाईकोर्ट अब इस मामले में दोबारा दखल दे।
सिद्धू ने हाईकोर्ट में जुलाई 2021 में याचिका दाखिल कर बताया था कि उन्होंने 2016-17 की इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आमदनी 9 करोड़ 66 लाख 28 हजार 470 बताई थी और इसे 19 अक्तूबर 2016 को जमा भी करवा दिया था। इनकम टैक्स विभाग ने 13 मार्च, 2019 को उन्हें सूचित करते हुए बताया कि उनकी इस दौरान की आय 13 करोड़ 19 लाख 66 हजार 530 रुपये है। इस तरह विभाग ने उनकी आय में 3 करोड़ 53 लाख 38 हजार 67 रुपये और जोड़ दिए।
सिद्धू ने इनकम टैक्स विभाग द्वारा उनकी आय की गलत असेसमेंट के खिलाफ इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) के सामने रिवीजन दायर कर इसे ठीक करने का आग्रह किया लेकिन इनकम टैक्स कमिश्नर ने उनकी इस रिवीजन को खारिज कर दिया था। इसी आदेश को सिद्धू ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी।