बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों का केमिकल सीवरेज पाइप में गिराया जा रहा है। कहीं न कहीं यह प्रदूषण बोर्ड के मुलाजिमों की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि यह भी जांचा जाना चाहिए कि केमिकल मिक्स कहां से हुआ है। जिस तरह से अब सरकार की तरफ से सीवरेज के ढक्कन लगा दिए गए हैं, अगर वह पहले समय पर लगा दिए जाते तो शायद यह हादसा ही नहीं होता।
राजा वड़िंग ने कहा कि सरकार ने इस मामले में एसआईटी तो बना दी लेकिन वह हैरान हैं कि चार दिन बीतने के बाद भी सरकार का कोई भी व्यक्ति या फिर अधिकारी पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने सवाल किया कि यह लोग प्रवासी थे इसलिए सरकार ने इन लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया। सरकार की तरफ से दो-दो लाख रुपये की घोषणा कर दी गई लेकिन अगर कोई अधिकारी या फिर मंत्री मिलता तो परिवारों को दिलासा ही मिलना था।
उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द पता लगाकर कसूरवार व्यक्ति पर हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए और उसकी सारी प्रापर्टी कुर्क कर देनी चाहिए। सीधे-सीधे यह एक साथ 11 लोगों की हत्या का मामला है, जिस पर सरकार को गंभीर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागी है। अब तक तो प्रशासन को जांच कर सारा काम खत्म कर देना चाहिए था। मगर अभी तक तो यहां रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पंजाब के गवर्नर से इस मामले में मिलेगी और प्रवासी मजदूरों की लड़ाई जहां तक लड़नी पड़ेगी जरूर लड़ी जाएगी।