गृहमंत्री ने कहा कि संसद में पारित क्रिमिनल लॉ बिल के पूरी तरह लागू हो जाने के बाद कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक किसी भी क्रिमिनल केस के निपटारे में तीन साल से ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि देश के हर वर्ग के लोगों से बात करने के बाद ही ये बिल संसद में लाए गए हैं। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, चंडीगढ़ के गृह सचिव नितिन कुमार यादव और डीजपी प्रवीर रंजन मौजूद रहे।
99.13 प्रतिशत पुलिस स्टेशन और दो करोड़ कैदियों का डाटा ऑनलाइन
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की आपराधिक न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए 99.13 प्रतिशत पुलिस स्टेशनों को ऑनलाइन किया जा चुका है। सारे पुलिस स्टेशन एक ही सॉफ्टवेयर से चल रहे हैं। देश में लगभग दो करोड़ कैदियों का डाटा ऑनलाइन कर गया है। ई-प्रॉसीक्यूशन के माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा अभियोजन का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है।
17 लाख फॉरेंसिक डिटेल्स का डाटा भी ऑनलाइन कर दिया गया है। 90 लाख से ज्यादा फिंगरप्रिंट का डाटा और इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग ऑफ टेररिज्म को भी ऑनलाइन किया गया है। नेशनल डाटाबेस ऑफ ह्यूमन ट्रैफिकिंग के डाटा को नेशनल साइबर क्राइम रिर्पोटिंग पोर्टल के साथ जोड़ दिया जाएगा। कैदियों के बायोमीट्रिक डाटा तैयार करने के अलावा एआई से ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो संवाद की भाषा तय करेगा। इससे देश में आतंकी और अपराधियों के गठजोड़ पर चोट की जा सकेगी।